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स्कूलों में एेसा मिल रहा है मध्याह्न भोजन, इस स्कूल में पहुंचा खाना कैसे खाएं बच्चे

प्राथमिक विद्यालय अशोक में स्वयं सहायता समूह की तरफ से दिया जाता है मध्याह्न, बाद में नायब तहसीलदार पहुंचे पंचनामा बनाने
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रतलाम

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harinath dwivedi

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Updated: 14 Jan 2018, 11:11 AM IST

patrika

रतलाम। सरकारी स्कूलों में मध्याह्न किस तरह बच्चों को खिलाया जा रहा है। यह बानगी आंबेडकर मैदान के सामने स्थित प्राथमिक विद्यालय अशोक में शनिवार को दोपहर देखने को मिली जब यहां बच्चों के लिए भेजे गए मध्याह्न भोजन में जो रोटियां दी गई वह जली हुई थी और उनकी बनावट ही ऐेसी थी कि उसे देखकर कोई भी इन्हें बेकार बता सकता है। सब्जी व दाल में तो जैसे केवल पानी ही पानी है। न दाल का पता था और न ही सब्जी में आलू दिख रहे थे। हंगामे के बाद नायब तहसीलदार और पटवारी मौके पर पहुंचे तथा पंचनामा बनाया। साथ ही फुड इंस्पेक्टर को बुलाकर खाना जब्त करवाया।

४६ दर्ज, २० बच्चे भी नहीं

अशोक प्राथमिक विद्यालय में ४६ बच्चे दर्ज है और शनिवार को २० बच्चे भी नहीं थे। इनके लिए जो खाना आया वह देखने से ही कोई भी बता सकता है यह खाना बच्चे कैसे खा सकते हैं। एडवोकेट अमित पांचाल को जब इस बारे में जानकारी मिली तो वे स्कूल पहुंचे और जानकारी जुटाई। यहां पता चला खाना देने वाला भाग खड़ा हुआ। पंचनामा बना तो शिक्षिकाएं भी सकते में आ गई। प्रभारी प्रधानाध्यापिका सीमा भार्गव ने बताया हमारे पास जो भी खाना आता है उसे टेस्ट करके ही बच्चों को देते हैं।

बीएसी पहुंचे मौके पर

बीईओ एमएल डामर को सूचना देने के बाद बीएसी मौके पर पहुंचे। उन्होंने नगर निगम द्वारा समूह के माध्यम से मध्याह्न भोजन देने की बात कहकर कहा कि वे इसमें कुछ नहीं कर सकते हैं। इस पर पांचाल ने कहा आपको इससे कोई लेना देना नहीं है तो फिर क्यों आए। इसके बाद नायब तहसीलदार घनश्याम लोहार और पटवारी वीरेंद्रप्रताप सिंह सोलंकी मौके पर पहुंचे और पंचनामा बनाया। इसी दौरान फुड इंस्पेक्टर को बुलाकर खाने के सेंपल लेकर जब्ती भी करवाई गई। खाने की गुणवत्ता की जांच की जाएगी।

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रोज ऐसे ही रोटी आती

रोज खाने में ऐसी ही रोटी आती है। सब्जी, दाल और चावल ठीक आते हैं किंतु खाने में रोटी तो ऐसी ही आती है। बच्चे खाना लेते हैं।

सीमा भार्गव, प्रभारी प्रधानाध्यापिका, अशोक प्रावि

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इतना गंदा कि बच्चे खा नहीं सकते

इतना गंदा खाना था कि बच्चे भी खाना नहीं खा सकते हैं। जली हुई रोटियां और दाल में दाल का नाम नहीं केवल पानी। रोज ऐसा खाना देकर बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूह को अब तक की गई सारी राशि की वसूली होना चाहिए।

अमित पांचाल, एडवोकेट

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पंचनामा बनाकर खाना जब्त किया

नायह तहसीलदार घनश्याम लोहार की मौजूदगी में खाने का पंचनामा बनाया गया और खाना जब्त करने के लिए फुड इंस्पेक्टर को मौके पर बुलाकर खाना जब्त करवाया। देखने में खाना वास्तव में खराब ही था।

वीरेंद्र प्रताप सिंह सोलंकी, पटवारी

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मशीन खराब होने से रोटी जली

मशीन खराब हो गई है और उसकी सेटिंग ठीक नहीं रोटियां जल गई है। अभी दो-तीन दिन से इस तरह की रोटियां हो रही है वरना हम खाना तो काफी अच्छा देते हैं।

वैभव जैन, समूह संचालक, आकांक्षा समग्र विकास समिति