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कलेक्टर के सामने काम नहीं आई आंकड़ों की जादूगरी, पकड़ाए तो खाई फटकार

मातृ मृत्यु और शिशु मृत्यु दर के आंकड़ों में कमी लाने के दिए निर्देश  
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रतलाम

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Sourabh Pathak

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Updated: 28 Apr 2022, 10:29 AM IST

कलेक्टर के सामने काम नहीं आई आंकड़ों की जादूगरी, पकड़ाए तो खाई फटकार

कलेक्टर के सामने काम नहीं आई आंकड़ों की जादूगरी, पकड़ाए तो खाई फटकार

रतलाम। जिले में चल रही स्वास्थ्य सेवाओं में आंकडों का बड़ा खेल चल रहा है। यह खेल बुधवार को कलेक्टर कुमार पुरषोत्तम द्वारा आयोजित समीक्षा बैठक में खुल गया और आंकड़ों में किए जा रहे गड़बड़झाले पर कलेक्टर ने जमकर नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को फटकार भी लगाई। इतना ही नहीं तीन दिन में आंकड़ों की इस गलती को सुधारने के निर्देश दिए है, नहीं तो कार्रवाई की बात कही है। इतना ही नहीं पत्रिका द्वारा उठाए गए मातृ मृत्यु और शिशु मृत्यु दर के आंकड़ों में कमी लाने की बात कही है। पत्रिका ने प्रमुखता से इस मुद्दे को उठाकर समाचार प्रकाशित किया था जिस पर कलेक्टर ने संज्ञान लिया है।

कलेक्टर ने बुधवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की थी। इसमें कलेक्टर ने स्वास्थ्य योजनाओं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान मातृ एवं शिशु मृत्यु दर तथा प्रथम प्रसव पूर्व जांच की डाटा एंट्री लगभग सभी विकासखंडों में गलत पाई गई। अत्याधिक त्रुटिपूर्ण डाटा एंट्री पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए चेतावनी देते हुए कहा कि तीन दिवस में डाटा एंट्री में शत-प्रतिशत सुधार किया जाए, नहीं तो एनएचएम अंतर्गत ब्लॉक कम्युनिटी मोबिलाइजर का एक माह का वेतन काटा जाकर राजसात कर लिया जाएगा।

मातृ औऱ शिशु मृत्यु में कमी लाए
कलेक्टर ने जिले में गर्भवती माताओं और नवजात शिशु की प्रोटोकॉल अनुसार देखभाल करते हुए मातृ औऱ शिशु मृत्यु में कमी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मातृ मृत्यु का कोई भी मामला संज्ञान में आते ही इसकी रिपोर्ट सीधे प्रस्तुत की जाए। शिशु मृत्यु मामलों की प्रत्येक मामले की प्रतिमाह मासिक रिपोर्ट सीधे कलेक्टर को प्रस्तुत की जाए।

हर सप्ताह होगी समीक्षा
मातृ एवं शिशु मृत्यु के मामलों की प्रत्येक माह के प्रथम टीएल के दौरान समीक्षा की जाएगी। इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पृथक से रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। प्रथम त्रैमास में गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत प्रविष्टि करते हुए गर्भवती माताओं को सभी आवश्यक सेवाएं प्रदान की जाए। जिले में गर्भवती माताओं और शिशुओं की अनमोल पर कम प्रविष्टि पाए जाने पर नाराजगी जताई।

विभागीय जांच के निर्देश
इसी प्रकार डाटा एंट्री में गड़बडी में एएनएम की भूमिका को देखते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर ननावरे को निर्देशित किया कि जिले की पांच सबसे खराब परफॉर्मेंस वाली एएनएम कार्यकर्ताओं को निलंबित किया जाए। उनकी विभागीय जांच करके सेवा समाप्त की जाए।

सेवा समाप्ति की जाए
कलेक्टर ने तीन दिन की समयसीमा में लक्ष्यपूर्ति करने के लिए निर्देशित किया है। उन्होंने सीएमएचओ को निर्देशित किया कि जिले में सबसे खराब परफॉर्मेंस वाली 5 महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के नाम प्रस्तावित कर निलंबन की कार्रवाई करें और विधिवत आरोप पत्र जारी कर विभागीय जांच कर सेवा समाप्त संबंधित कार्रवाई की जाए।

पांच दिन बाद फिर होगी समीक्षा
कलेक्टर ने एनएचएम अंतर्गत कार्यरत ब्लॉक कम्युनिटी मोबिलाइजर का सात दिवस का वेतन या मानदेय काटने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्य में सुधार न होने की दशा में संबंधित का एक माह का वेतन राजसात किया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में 2 मई को कार्य की प्रगति की पुनः समीक्षा किए जाने के निर्देश दिए।

यह रहे मौजूद
बैठक में सीईओ जिला पंचायत जमुना भिड़े, अपर कलेक्टर अभिषेक गहलोत, आयुक्त नगर निगम सोमनाथ झारिया, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास रजनीश सिन्हा, सिविल सर्जन डॉ. आनंद चंदेलकर, पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री अनुराग सिंह, स्वास्थ्य विभाग से संबंधित अधिकारी, चिकित्सक तथा महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।