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माघ पूर्णिमा 2023 : इस दिन जरूर करें ये काम, विष्णु भगवान की कृपा से दूर हो जाएगी हर परेशानी

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सभी देवी-देवता स्वर्ग से पृथ्वी पर आते हैं और गंगा में स्नान करते हैं। यही कारण है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करना बेहद शुभ माना गया है। इस वर्ष माघ पूर्णिमा 5 फरवरी 2023 को पड़ रही है। इस दिन कई शुभ संयोग भी बन रहे हैं। इसीलिए इस माघ पूर्णिमा पर दान-पुण्य का विशेष फल प्राप्त होगा।
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Sanjana Kumar

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Updated: 1 Feb 2023, 5:43 PM IST

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हिन्दु धार्मिक शास्त्रों में सभी पूर्णिमाओं का विशेष महत्व माना गया है। हर माह पडऩे वाली पूर्णिमाओं का भी इनमें महत्व बताया गया है। लेकिन माघ मास की पूर्णिमा को विशेष फलदायी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सभी देवी-देवता स्वर्ग से पृथ्वी पर आते हैं और गंगा में स्नान करते हैं। यही कारण है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करना बेहद शुभ माना गया है। इस वर्ष माघ पूर्णिमा 5 फरवरी 2023 को पड़ रही है। इस दिन कई शुभ संयोग भी बन रहे हैं। इसीलिए इस माघ पूर्णिमा पर दान-पुण्य का विशेष फल प्राप्त होगा।

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माघ पूर्णिमा 2023 का शुभ मुहूर्त
- माघ पूर्णिमा आरंभ- 4 फरवरी 2023 (शनिवार) को रात 9 बजकर 29 मिनट से।
- माघ पूर्णिमा समापन 5 फरवरी 2023 (रविवार) को रात 11 बजकर 58 मिनट पर।
वहीं उदयातिथि के अनुसार, माघ पूर्णिमा 5 फरवरी को ही मनाई जाएगी। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग की शुरुआत सुबह 7 बजकर 7 मिनट से लेकर दिन में 12 बजकर 13 मिनट तक रहेगा। साथ ही इस दिन पुष्य और अश्लेषा नक्षत्र का निर्माण भी हो रहा है, जो माघ पूर्णिमा के लिए बेहद शुभ माना जाता है।

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माघ पूर्णिमा का महत्व
पौराणिक ग्रंथों में माघ पूर्णिमा का विशेष महत्व का उल्लेख मिलता है। माना जाता है कि माघ पूर्णिमा के दिन देवता स्वयं धरती पर आते हैं गंगा में स्नान करते हैं। वहीं, प्रयागराज में एक महीने का कल्पवास (संगम के तट पर कुछ विशेष काल के लिए निवास करना) करने वाले श्रद्धालु माघ पूर्णिमा के दिन ही इसका समापन करते हैं। मान्यता के मुताबिक कल्पवास करने वाले सभी श्रद्धालु माघ पूर्णिमा के दिन गंगा मैया की पूजा अर्चना करते हैं। इसके बाद साधु-संतों और ब्राह्मणों को सादर भोजन कराते हैं। मान्यता यह भी है कि माघ पूर्णिमा के दिन गंगा में स्नान करने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। दुख, दर्द और बीमारियों से मुक्ति मिलती है।

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माघ पूर्णिमा के उपाय
- माघ पूर्णिमा पर पवित्र नदियों और सरोवरों में स्नान करने का विशेष महत्व माना गया है। लेकिन यदि आप इन पवित्र नदियों में स्नान नहीं कर सकते, तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल की कुछ बूंदें डालकर इस पानी से नहाए। ऐसा करने से व्यक्ति के पिछले कई जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं।
- इस दिन सत्यनारायण भगवान की पूजा और कथा करने का भी विधान माना गया है।
- माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा क विशेष महत्व होता है। पूर्णिमा पर इनकी पूजा करने से सदैव उनकी कृपा बनी रहती है। वहीं पूजा करने वालों के जीवन के सभी दुख-दर्द दूर हो जाते हैं।
- इसके साथ ही इस दिन पूजा घर में घी का अखंड दीपक जलाना चाहिए। ऐसा करना हर तरह से शुभ फलदायी माना गया है।
- माघ पूर्णिमा के दिन पीपल के वृक्ष में माता लक्ष्मी का आगमन माना गया है। इसलिए इस दिन सुबह पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं और घी का दीपक जलाएं।
- इस दिन पितरों का दान भी किया जा सकता है। ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है।
- पूजा पाठ करने के बाद इस दिन गरीबों को दान-पुण्य करना भी बहुत फलदायी माना गया है।
- धर्म ग्रंथों के अनुसार, इस दिन गरीब और जरूरतमंद व्यक्तिको तिल, कंबल, घी, फल आदि चीजों का दान करना चाहिए।