Pradosh Vrat 2022 Ke Niyam: हिंदू पंचांग के अनुसार प्रदोष व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि को पड़ता है। यानी हर महीने दो प्रदोष व्रत, एक कृष्ण पक्ष में और एक शुक्ल पक्ष में रखा जाता है। वहीं हिंदू धर्म में आषाढ़ मास के प्रदोष व्रत का भी बहुत महत्व बताया गया है। इस साल 2022 में आषाढ़ महीने में पहला प्रदोष व्रत 26 जून को, रविवार को पड़ रहा है। रविवार को पड़ने के कारण यह रवि प्रदोष व्रत कहलाएगा।
मान्यता है कि जो व्यक्ति पूरी श्रद्धा और विधिपूर्वक प्रदोष व्रत करता है उसकी भगवान शिव के आशीर्वाद से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और उसके मान-सम्मान में वृद्धि होती है। कुछ लोग फलाहार से व्रत रखते हैं तो कोई निर्जला। लेकिन शास्त्रों के अनुसार इस व्रत में कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है अन्यथा भगवान शिव नाराज हो सकते हैं। तो आइए जानते हैं प्रदोष व्रत में क्या नहीं करना चाहिए...