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Varuthini Ekadashi Vrat 2023: वरुथिनी एकादशी व्रत से दरिद्रता और दुर्भाग्य हो जाते हैं दूर, यह है व्रत की डेट

Varuthini Ekadashi Vrat 2023: वैसाख कृष्ण पक्ष की एकादशी को वरुथिनी एकादशी और कल्याणकारी एकादशी के नाम से जाना जाता है। वरुथिनी एकादशी कब है, इसका शुभ मुहूर्त और पूजा विधि क्या है, बैसाख कृष्ण एकादशी का महत्व क्या है और अन्य धर्म अध्यात्म की जानकारी लेने के लिए पढ़िए www.patrika.com ।  
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Pravin Pandey

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Updated: 8 Apr 2023, 1:03 PM IST

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varuthini ekadashi

Varuthini Ekadashi Vrat 2023: वैसाख कृष्ण पक्ष की एकादशी को वरुथिनी एकादशी और कल्याणकारी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान के वाराह रूप की पूजा (Varah Swaroop Puja) होती है। मान्यता है इस दिन जो व्यक्ति व्रत रखकर विधि विधान से भगवान विष्णु की पूजा करता है, उसके सब पापों का नाश हो जाता है और बैकुंठ लोक की प्राप्ति होती है। वहीं इस जीवन में सुख समृद्धि मिलती है।

वरुथिनी एकादशी 2023
पंचांग के अनुसार वैसाख कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि की शुरुआत 15 अप्रैल रात 8.45 बजे से हो रही है और यह तिथि 16 अप्रैल रविवार को शाम 6.14 बजे संपन्न होगी। उदयातिथि के अनुसार वरुथिनी एकादशी व्रत 16 अप्रैल को रखा जाएगा। इस व्रत का पारण समय 17 अप्रैल सुबह 5.54 बजे से सुबह 8.29 बजे तक है।

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वरुथिनी एकादशी महत्व
वरुथिनी एकादशी व्रत की महिमा कई धार्मिक ग्रंथों में बताई गई है। इस दिन पूजा पाठ सौभाग्य दिलाने वाला, और घर में सुख समृद्धि का कारक होता है। इस दिन भगवान विष्णु को जल में तुलसी दल डालकर अर्पित करना चाहिए। मान्यता है कि इससे भक्त को सुख समृद्धि मिलती है। मान्यता है कि इस दिन स्नान, दान से मन चाहा फल प्राप्त होता है।

इस दिन अन्नदान और कन्यादान का श्रेष्ठ फल मिलता है। इससे पितृ, देवता सब तृप्त होते हैं। वरुथिनी एकादशी व्रत से दस हजार वर्ष तपस्या के फल के बराबर पुण्य फल मिलता है। इस दिन जल सेवा करने से दरिद्रता और दुर्भाग्य दूर हो जाते हैं।


वरुथिनी एकादशी पूजा विधि (Varuthini Ekadashi Puja)
1. सुबह जल्दी उठें और गंगाजल मिश्रित पानी से स्नान कर स्वच्छ कपड़े पहनें।
2. घर के मंदिर में दीपक जलाएं और भगवान विष्णु की प्रतिमा को स्नान कराकर पूजा करें।
3. ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप कर भगवान की आरती उतारें।
4. भगवान को भोग अर्पित करें।