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बगैर शौचालय निर्माण हो गया भुगतान

कंपनियों के सीएसआर में करोड़ों रुपए का खेल, जिले के 300 स्कूलों में नहीं कराया निर्माण   पीएमओ से मॉनीटरिंग के बावजूद नहीं बने शत-प्रतिशत शौचालय
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Suresh Mishra

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Updated: 19 Jun 2016, 4:46 AM IST

rewa news

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रीवा।
कंपनियों के सीएसआर में करोड़ों रुपए का खेल, रीवा. शासकीय शालाओं में शौचालय निर्माण के नाम पर कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के बजट में खेल किया जा रहा है। जिले में 300 स्कूलों में बगैर शौचालय (प्री-फैब) निर्माण एचसीएल कंपनी को 8 करोड़ रुपए भुगतान का मामला सामने आया है। जिन स्कूलों में शौचालय बनाए गए हैं वे भी अधूरे पड़े हैं। कलेक्टर ने कंपनियों को पत्र जारी कर निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए हैं।


प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले के 1,200 स्कूलों में नार्दन कोल लिमिटेड (एनसीएल) के सीएसआर बजट से शौचालय निर्माण कराने हिन्दुस्तान प्री-फैब लिमिटेड (एचसीएल) को ठेका दिया गया है। जिसकी मॉनिटरिंग पीएमओ से हो रही है।


जिला स्तर पर जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है।विभागीय सूत्रों के अनुसार, निर्माण एजेंसी द्वारा स्कूलों में कराए जा रहे शौचालय निर्माण अधूरे हैं। इसके बावजूद एनसीएल कंपनी ने 2.70 लाख रुपए प्रति शौचालय यानी आठ करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया है।बताया गया कि जिला प्रशासन की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में अभी करीब 300 स्कूलों में शौचालय निर्माण नहीं होना बताया गया है।


कलेक्टर ने कंपनियों को लिखा पत्र

स्कूलों में शौचालय निर्माण के मामले में जिला प्रशासन ने कंपनी को पत्र भेजकर 30 जून तक अर्पूण शौचालयों का निर्माण कराने के कहा है, जिससे जुलाई में बच्चों को दिक्कत न हो।कलेक्टर राहुल जैन ने बताया कि एनसीएल की ओर से शौचालय निर्माण कराए गए हैं। कुछ स्कूलों में निर्माण शेष हैं, इसके लिए कंपनी को पत्र लिखा गया है। भुगतान का मामला एनसीएल का है। मामले की जांच कराएंगे, रिपोर्ट आने पर कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।