
श्रीनिवास तिवारी की गैर मौजूदगी में पहली बार होगा जन्मोत्सव, जानिए किस पर्व के रूप में मनाएंगे समर्थक
रीवा। कांग्रेस के बड़े नेता एवं विधानसभा के अध्यक्ष रहे श्रीनिवास तिवारी का जन्मदिन इस वर्ष भी 17 सितंबर को मनाया जाएगा। शहर के पद्मधर पार्क में इसे श्रीयुत कर्मवीर पर्व के रूप में मनाया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारी के लिए अमहिया में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित की गई।
जहां पर जिला पंचायत अध्यक्ष अभय मिश्रा ने कहा कि स्वर्गीय तिवारी आम जनता की आवाज थे। वह हर अत्याचार और मनमानी का विरोध करते थे। उनका जन्मोत्सव क्षेत्र के लोग धूमधाम से मनाते रहे हैं, पहली बार उनकी गैर मौजूदगी में कार्यक्रम होगा। अपने नेता को श्रद्धांजलि के साथ ही सरकार के अत्याचार के खिलाफ शंखनाद भी जनता करेगी।
कांग्रेस महासचिव डॉ. मुजीब खान ने कहा कि लोकप्रिय नेता की स्मृतियां विंध्य के लोगों में हैं। वह सब शामिल होना चाहते हैं। चंद्रमणि शुक्ला ने कहा हर साल १७ सितंबर को कार्यकर्ता संकल्प लेते रहे हैं, यह भी उसी तरह का कार्यक्रम होगा।
विवेक तिवारी ने कहा कि दादा रीवा के लोगों को अपने परिवार की तरह मानते थे। उन्होंने सीख दी थी कि आगे भी यह रिश्ता बना रहे। इस कारण पूरा प्रयास होगा कि पहले की तरह ही सबको साथ लेकर काम किया जाए। इस दौरान कांग्रेस नेता समर्थ सिंह, लखनलाल खंडेलवाल, मकदूम खान, प्रदीप सोहगौरा, मुकेश श्रीवास्तव, शहीद मिस्त्री, अकबर निजामी, अशोक पटेल, बृजेश पाण्डेय, सरोजनी मिश्रा, वसीम राजा, धीरज तिवारी सहित अन्य कई नेता मौजूद रहे।
दो दशक से हो रहा है आयोजन
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्रीनिवास तिवारी का जन्मदिन पहले तो सामान्य रूप से कार्यकर्ता और समर्थक मनाते रहे हैं। दो दशक से इसे किसी न किसी पर्व के रूप में मनाया जाता है। जिसमें शामिल होने के लिए कांग्रेस के कई राष्ट्रीय नेता हर साल आते रहे हैं। हर साल 17 सितंबर को होने वाले इस कार्यक्रम में इस बार भी पार्टी के नेताओं को बुलाने की तैयारी की गई है।
जिले भर में होंगी नुक्कड़ सभाएं
कार्यक्रम की तैयारी के लिए जिले भर में कांग्रेस के कार्यकर्ता नुक्कड़ सभाएं करेंगे। जिसमें भावनात्मक रूप से अपील की जाएगी कि यह पहला अवसर है जब श्रीनिवास तिवारी की गैर मौजूदगी में कार्यक्रम होगा। इसी साल १९ जनवरी को उनका निधन हुआ है। जिसके बाद लाखों की संख्या में लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि देकर साबित किया है कि वह क्षेत्र के जन नेता थे।
Published on:
6 Aug 2018, 2:19 PM IST
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