
सागर. परिवहन विभाग यात्रियों की सुरक्षा को लेकर लंबे समय से लापरवाही बरत रहा है। अधिकारी-कर्मचारी केवल अवैध वसूली में जुटे रहे। जिम्मेदार अधिकारियों को सड़कों पर उतरकर यात्री बसों की जांच करने का समय ही नहीं था, जिसका फायदा बस संचालक उठा रहे थे। यह आरोप नहीं, बल्कि इस बात की पुष्टि परिवहन विभाग ने यातायात पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त रूप से शुरू की गई जांच कर रही है। स्थिति यह है कि जिले में यात्रियों को लेकर सड़कों पर दौड़ रहीं लगभग 50 फीसदी बसें अनफिट हैं, तो वहीं करीब 10 प्रतिशत बसें बिना परमिट के भी चल रहीं हैं।
दरअसल 12 मई को भोपाल में एक हादसा हुआ, जहां बांणगंगा चौराहे पर सिग्नल पर खड़े 8 लोगों को पीछे से आई एक स्कूल बस ने कुचल दिया। हादसे में एक युवती की मौत भी हुई। बाद में पता चला कि लोगों को कुचलने वाली बस बिना परमिट, फिटनेस और बीमा के सड़कों पर दौड़ रही थी। हादसे के बाद मुख्यालय से मिले आदेश के बाद परिवहन विभाग ने यातायात पुलिस के साथ मिलकर 14 मई से सागर में स्कूल और यात्री बसों की जांच शुरू की।
स्कूल और यात्री बसों को लेकर 14 से 21 मई के बीच 5 दिन स्कूल और यात्री बसों की जांच की गई, जिसमें 97 बसों में कुछ न कुछ खामियां मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए 2.57 लाख रुपए जुर्माना लगाया गया है। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की इस संयुक्त जांच में जहां बिना परमिट/फिटनेस के बसें सड़कों पर दौड़ते पकड़ी गई तों वहीं बस चालक नशे में भी मिले। नियमों का उल्लंघन करने पर 8 बस चालकों के लाइसेंस निरस्त करने के साथ 9 बसों की फिटनेस भी निरस्त की गई है।
गुरुवार को टीकमगढ़ जिले में बसों की जांच कर कार्रवाई की है, जिसके चलते सागर में चेकिंग नहीं हो सकी। शुक्रवार से दोबारा सागर जिले में चेकिंग अभियान शुरू किया जाएगा।
मनोज कुमार तेहनगुरिया, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, सागर
Updated on:
23 May 2025, 11:05 AM IST
Published on:
23 May 2025, 11:05 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.