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Bina news: रोज-रोज का विवाद बना हत्या की वजह, पति ने पत्नी का घोंटा था गला

बीना के भानगढ़ थाना क्षेत्र का मामला, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने जांच कर किया अंधे कत्ल का खुलासा, आरोपी पति को गिरफ्तार कर भेजा जेल, पहले पुलिस को गुमराह करता रहा आरोपी
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Daily disputes led to murder; husband strangled his wife.

पुलिस गिरफ्त में आरोपी। फोटो-पत्रिका

बीना. भानगढ़ थानांतर्गत एक महिला की संदिग्ध स्थिति में घर में लाश मिली थी। पुलिस ने पति की सूचना पर मर्ग कायम कर शव का पीएम कराया था, पोस्टमार्टम में गले की सांस नली दबने से जान जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने पति से पूछताछ की और वही पत्नी का हत्यारा निकला। पुलिस ने अंधे कत्ल का का खुलासा करते हुए आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार 20 सितंबर को ग्राम रामसागर निवासी मुल्ले आदिवासी ने पुलिस को सूचना दी थी कि पत्नी अवधबाई आदिवासी (55) घर पर मृत अवस्था में मिली है और मृत्यु का कारण अज्ञात है। पति ने बताया था कि वह बहू के साथ खेत पर गया था और जब वापस लौटा तो पत्नी कमरे में मृत मिली। पुलिस ने मर्ग कायम का जांच शुरू की और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की मृत्यु गले की सांस नली दबने व गला घोंटने से होने की बात सामने आई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामला हत्या का होने पर पुलिस द्वारा घटनास्थल का फिर सूक्ष्म निरीक्षण कर साक्षियों के कथनों के आधार पर संदेही पति मुल्ले आदिवासी से पूछताछ की और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया। थाना प्रभारी धनेन्द्र यादव ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने बताया कि आए दिन दोनों के बीच विवाद होता था। घटना वाले दिन भी पति ने पत्नी से उड़द फसल की कटाई कराने के लिए कहा था, जिसपर वह विवाद कर बैग लेकर मायके जाने के लिए घर से निकल गई थी। इस बात को लेकर पति-पत्नी के बीच पहले बस स्टैंड पर विवाद हुआ और वह घर वापस आकर फिर से विवाद किया था। इसी बात पर पति ने साड़ी से महिला का गला घोंटकर हत्या कर दी थी।

कार्रवाई में यह रहे शामिल


अंधे कत्ल का खुलासा करने और आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी सहित सहायक उप निरीक्षक श्यामलाल, नाथूराम, प्रधान आरक्षक प्रिंस जोशी, इरफान, आरक्षक प्रवीण, योगेश, दीपक यादव, रोहित तिवारी, आरक्षक जगदीश की सराहनीय भूमिका रही।