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चौदह महीने से बेटे के इंतजार में थी मां, बीना में मिला शव तो टूट गई परिवार की आखिरी उम्मीद

नौकरी के लिए घर से निकला था युवक, फिर वापस नहीं लौटा, न ही परिवार के लोगों से हुआ था संपर्क, रेलवे ट्रैक पर मिला शव,बीना के सामाजिक संगठनों ने कराया अंतिम संस्कार
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A mother had been waiting for her son for fourteen months

बेटे का अंतिम संस्कार करते हुए। फोटो-पत्रिका

बीना. जिस बेटे के लौटने की आस में एक मां ने 14 महीने तक इंतजार किया, उसकी तलाश आखिरकार एक दर्दनाक खबर के साथ खत्म हुई। परिवार से दूर जाने के बाद मनोज वर्मा का कोई सुराग नहीं मिल रहा था। परिजन हर दिन यही उम्मीद लगाए बैठे थे कि शायद वह किसी दिन अचानक घर लौट आएगा, लेकिन बुधवार को आगासौद रेलवे स्टेशन के नजदीक रेलवे पटरी पर उसका शव मिलने की सूचना पहुंची, तो परिवार की उम्मीदें खत्म हो गई।
चित्रकूट जिले के औधा निवासी मनोज वर्मा परिवार में इकलौता बेटा था। बताया गया है कि वह निजी क्षेत्र में काम करता था। करीब 14 महीने पहले वह घर से बाहर निकला था। उसके बाद परिवार से संपर्क टूट गया और लंबे समय तक उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। परिजन लगातार उसके वापस आने का इंतजार करते रहे। बुधवार को आगासौद रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर एक युवक का शव मिलने की जानकारी पुलिस को मिली। पहचान करने पर मृतक की शिनाख्त मनोज वर्मा के रूप में हुई। इसके बाद उसके परिवार को सूचना दी गई। खबर मिलते ही परिजन बीना पहुंचे।

शव घर ले जाने की स्थिति नहीं थे परिजन


आगासौद पुलिस ने कार्रवाई पूरी होने के बाद शव का पीएम कराया गया और शव परिवार को सौंप दिया गया। आर्थिक रूप से कमजोर होने से परिजनों के सामने शव को साथ ले जाने का संकट था। दुख की इस घड़ी में सामाजिक संगठनों ने परिवार की मदद की, इसमें गोसेवा दल और स्वास्थ्य सेवा संगठन के सदस्यों ने आगे आकर शव को अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंचाने की व्यवस्था की। इटावा मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार की तैयारियां कराई गईं और परिजनों की मौजूदगी में मनोज का अंतिम संस्कार किया गया।

इकलौते बेटे की मौत से परिवार पर टूटा दु:खों का पहाड़


मनोज अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। 14 महीने तक उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिलने के बाद भी उन्हें भरोसा था कि परिस्थितियां कैसी भी हों, एक दिन उनका बेटा उनके बीच वापस जरूर आएगा, लेकिन रेलवे ट्रैक पर उसका शव मिला। मनोज की मौत किन परिस्थितियों में हुई, वह ट्रेन की चपेट में कैसे आया या वह रेलवे ट्रैक तक किस तरह पहुंचा, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है। मामले की जांच के बाद ही घटना की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।

अंतिम संस्कार कराने वालों में यह रहे शामिल


अंतिम संस्कार के दौरान गोसेवा दल से राजेंद्र यादव, सुमित यादव, रुपेश यादव और मोहित यादव, स्वास्थ्य सेवा संगठन के अध्यक्ष मनीष सिंघई, शव वाहन चालक वीरेंद्र तिवारी, नगर पालिका कर्मचारी अरुण बाल्मीकि सहित मनोज के परिजन मौजूद रहे।