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शास्त्रों के अनुसार 9 आदतें आपके जीवन में अवश्य होनी चाहिए, अगर हैं तो बनते हैं लाभ के संयोग

शास्त्रों के अनुसार नौ आदतें आपके जीवन में अवश्य होनी चाहिए, अगर हैं तो बनते हैं लाभ के संयोग,अच्छी बातें बांटने से दोगुनी होती हैं

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सागर

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Samved Jain

Apr 16, 2018

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सागर. धर्म हमारे जीवन को कब नई ऊचाईयों तक पहुंचा दे, यह तब ही पता चलता है तब हम आसमान को छूने लगते हैं। हम भले ही अपनी सफलता के पीछे अपनी जी-तोड़ मेहनत को श्रेय देते हैं, लेकिन यह सच अधूरा होता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार सफलता मेहनत के साथ-साथ मनुष्य की आदतों से भी मिलती है। कुछ ऐसी आदतें होती हैं जिनके लिए हमें अलग से समय भी नहीं निकालना होता हैं और न ही कुछ तंत्र-मंत्र-जप करना होता है। केवल जरूरत होती है ध्यान से इनका अनुसरण करने की।

ऐसी ही कुछ 9 आदतें मनुष्य के जीवन में अवश्य होना चाहिए। ऐसा हम नहीं, बल्कि शास्त्र कहते हैं। धर्मग्रंथ कहते है। जिसे बिस्तार से हमें बताया है बुंदेलखंड के प्रसिद्ध आचार्य रवि शास्त्री महाराज ने। शास्त्री जी ने शास्त्र के अनुसार उन 9 आदतों का जिक्र किया है तो हमारे जीवन की दिशा और दशा बदलने के महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकती हैं। पंडित रवि शास्त्री ने हमें मौजूदा समय में बदलती सोच से होने वाले नुकसान विषय पर पत्रिका से चर्चा करते हुए ये महत्वपूर्ण जानकारी सांझा की हैं।

आइए जानते हैं वह नौ आदतें और इनसे होने वाले लाभ व हानियां।


यहां वहां थूकना


अगर आपको कहीं पर भी थूकने की आदत है तो यह निश्चित है नुकसान वाली है। इस आदत के कारण आपके यश, सम्मान में कमी आएगी। अगर मुश्किल से आपको यह मिल भी जाता है तो ज्यादा टिक नहीं पाता है। ऐसे में जरूरत है तय स्थानों पर ही थूकने की। अगर आप ऐसा करने लगते हैं तो आपके यश,मान-सम्मान में अभिवृध्दि होगी।

भोजन के बाद थाली वहीं न छोड़ें


जिन लोगों को अपनी जूठी थाली या बर्तन वहीं उसी जगह पर छोडऩे की आदत होती है उनको सफलता कभी भी स्थाई रूप से नहीं मिलती। काफी मेहनत के बाद भी इस आदत वाले लोग सफलता और अच्छे नाम के लिए मोहताज रहते हैं। अगर आप अपने जूठे बर्तनों को उठाकर उनकी सही जगह पर रख आते हैं तो चन्द्रमा और शनि का आप सम्मान करते हैं। इससे मानसिक शांति बढ़कर अड़चनें दूर होती हैं और आपके भी अच्छा नाम कमाने के रास्ते खुलते हैं।

पिलाएं स्वच्छ पानी


लोगों को स्वच्छ पानी पिलाने की आदत सबसे अच्छी है। जब भी हमारे घर पर कोई भी बाहर से आए। चाहे वह मेहमान हो या कोई काम करने वाला उसे स्वच्छ पानी ज़रुर पिलाएं। ऐसा करने से हम राहु का सम्मान करते हैं।
जो लोग बाहर से आने वाले लोगों को हमेशा स्वच्छ पानी पिलाते हैं उनके घर में कभी भी राहु का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता। अचानक आ पडऩे वाले कष्ट-संकट नहीं आते। प्यासे को अगर आप गंदा पानी पिलाते हैं तो इससे दोष बड़ता है। जिसका प्रभाव स्वभाव पर पड़ता है।

पौधों को सुबह शाम दें पानी


पेड़-पौधों को घरों में लगाने की आदत तो बहुत से लोगों की होती हैं, लेकिन इन्हें पानी देने की नहीं। घर के पौधे आपके अपने परिवार के सदस्यों जैसे ही होते हैं, उन्हें भी प्यार और थोड़ी देखभाल की जरुरत होती है। जिस घर में सुबह-शाम पौधों को पानी दिया जाता है तो हम बुध, सूर्य और चन्द्रमा का सम्मान करते हुए परेशानियों का डटकर सामना कर पाने का सामथ्र्य आ पाता हैं। परेशानियां दूर होकर सुकून आता है। जो लोग नियमित रूप से पौधों को पानी देते हैं, उन लोगों को मानसिक तनाव जैसी परेशानियां नहीं पकड़ पातीं हैं।

यहां वहां न फेके चप्पल, जूते, मोजे


जो लोग बाहर से आकर अपने चप्पल, जूते, मोज़े इधर-उधर फेक देते हैं, उन्हें उनके शत्रु बड़ा परेशान करते हैं। इस आदत को हमें आज से ही बदल लेना चाहिए। यह सबसे ज्यादा नुकसान वाली है। इससे बचने के लिए अपने चप्पल-जूते करीने से लगाकर रखें, आपकी प्रतिष्ठा बनी रहेगी।

फैला हुआ न रखें बिस्तर


अगर आपकी बिस्तर को फैला हुआ की छोड़कर उठकर चले जाने की आदत हैं तो इसे भी बदलने की जरूरत है। दरअसल, उन लोगों का राहु और शनि खराब होता है जो जब भी अपना बिस्तर छोड़ेंगे तो उनका बिस्तर हमेशा फैला हुआ होगा। सिलवटें ज्यादा होंगी, चादर कहीं, तकिया कहीं, कम्बल कहीं होगा। ऐसे लोग अपने पुराने पहने हुए कपड़े तक फैला कर रखते हैं। ऐसे लोगों की पूरी दिनचर्या कभी भी व्यवस्थित नहीं रहती। जिसकी वजह से वे खुद भी परेशान रहते हैं और दूसरों को भी परेशान करते हैं। इससे बचने के लिए उठते ही स्वयं अपना बिस्तर समेट दें। जीवन आश्चर्यजनक रूप से सुंदर होता चला जाएगा।

पैरों को रखें साफ


कई सारे लोगों की आदत रहती है कि वह शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंग पैर की साफ-सफाई का अधिक ध्यान नहीं रखते हैं। जबकि पैरों की सफाई पर हम लोगों को हर वक्त ख़ास ध्यान देना चाहिए। जो कि हम में से बहुत सारे लोग भूल जाते हैं। नहाते समय अपने पैरों को अच्छी तरह से धोएं। कभी भी बाहर से आएं तो पांच मिनट रुक कर मुंह और पैर धोएं। आप खुद यह पाएंगे कि आपका चिड़चिड़ापन कम होगा, दिमाग की शक्ति बढ़ेगी और क्रोध धीरे-धीरे कम होने लगेगा, आनंद बढ़ेगा।

रोज खाली हाथ न जाएं घर


कार्यस्थल से रोजाना खाली हाथ वापस लौटने की आदत अधिकांश लोगों की होती हैं। लेकिन इसका बुरा असर पड़ता है। रोज़ खाली हाथ घर लौटने पर धीरे-धीरे उस घर से लक्ष्मी चली जाती है और उस घर के सदस्यों में नकारात्मक या निराशा के भाव आने लगते हैं। इसके विपरीत घर लौटते समय कुछ न कुछ वस्तु लेकर आएं तो उससे घर में बरकत बनी रहती है। उस घर में लक्ष्मी का वास होता जाता है। हर रोज घर में कुछ न कुछ लेकर आना वृद्धि का माना गया है। ऐसे घर में सुख, समृद्धि और धन हमेशा बढ़ता जाता है और घर में रहने वाले सदस्यों की भी तरक्की होती है।

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जूठन न छोड़ें


थाली में जूठन छोडऩे की आदत है तो इसे तो आज और अभी से बदल लें। जूठन बिल्कुल न छोड़ें । ठान लें । एकदम तय कर लें। पैसों की कभी कमी नहीं होगी। अन्यथा नौ के नौ ग्रहों के खराब होने का खतरा सदैव मंडराता रहेगा। कभी कुछ -कभी कुछ । करने वाले काम पड़े रह जाएंगे और समय व पैसा कहां जाएगा पता ही नहीं चलेगा।