
- सामाजिक चेतना की बड़ी मिसाल पेश की
सागर. परसोरिया निवासी नीलेश सिंह लोधी ने दहेज के 10 लाख रुपए लौटाकर समाज में मिसाल पेश की। सीए नीलेश सिंह लोधी का विवाह सुल्तानगंज की पूजा से तय हुआ है। बीते दिन लग्नोत्सव के दौरान जब कन्या पक्ष ने परंपरानुसार 10 लाख रुपए की नकद राशि और सामग्री भेंट स्वरूप दी, तब नीलेश ने विनम्रतापूर्वक उसे लौटा दिया और केवल 101 स्वीकार कर रस्में पूर्ण करने की बात कही। समाज के बुजुर्गों ने कहा कि यह विवाह समाज को संदेश देता है कि बेटे-बेटियों को पढ़ाएं, आत्मनिर्भर बनाएं और दहेज मुक्त भारत की ओर कदम बढ़ाएं। वैवाहिक रस्में कराने वाले पंडितजी भी घटनाक्रम देखकर चौंक गए। उन्होंने कहा यजमानों से मात्र एक रुपए की दक्षिणा ली।
इस अवसर पर जब पंडितजी ने वर पक्ष के पिता गौरीशंकर सिंह से इस निर्णय पर सहमति मांगी, तो उन्होंने सहर्ष कहा कि यह निर्णय उनके पुत्र का है और उन्हें पूर्ण सहमति व समर्थन है। वर पक्ष के बड़े पिता व लोधी क्षत्रिय समाज महासभा सागर के महासचिव योगाचार्य भगत सिंह लोधी ने कहा कि भतीजे नीलेश ने शिक्षा, आत्मनिर्भरता और संस्कारों का आदर्श प्रस्तुत किया है।
विवाह सुल्तानगंज के पं. कंछेदी लाल बड़ोनिया ने कहा कि जीवन में ऐसा क्षण पहली बार देखा है, जब वर पक्ष ने दस लाख रुपए लौटाकर विवाह सम्पन्न कराने का निर्णय लिया। यह सनातन धर्म और समाज के लिए एक प्रेरणादायक है। पंडित ने भी पूजन संकल्प में मिली 2100 रुपए की दक्षिणा में से केवल 1 रुपए की राशि स्वीकार की और संकल्प लिया कि भविष्य में जो भी दहेज मुक्त विवाह होंगे, उन्हें नि:शुल्क विवाह सम्पन्न करेंगे।
Updated on:
26 May 2025, 6:17 PM IST
Published on:
26 May 2025, 6:17 PM IST
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