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मायावती ने नहीं दिया भाव तो भीम आर्मी के मुखिया ने अब इस राष्ट्रीय पार्टी के नेता को बताया भाई

बसपा प्रमुख मायावती के ठुकराने के बाद चन्द्रशेखर को कांग्रेस ने अपनाया
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सहारनपुर

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Iftekhar Ahmed

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Updated: 19 Sep 2018, 2:16 PM IST

Chandra sekhar

मायावती की फटकार के बाद भीम आर्मी के मुखिया ने अब इस राष्ट्रीय पार्टी के नेता को बताया भाई

सहारनपुर. जेल से रिहा होने के बाद एक बार फिर मीडिया की सुर्खियों में आए भीम आर्मी के मुखिया को लेकर हर दिन कोई न कोई खबर सुर्खियां बन रही है। जेल से रिहा होने के बाद जब चन्द्रशेखर ने बसपा सुप्रीमो मायावती से बुआ-भतीजे का संबंध बताया तो मायावती भड़क गई थी। उन्होंने साथ ही कहा था कि मेरा किसी से कोई रिश्ता नहीं है। मेरा रिश्ता सिर्फ गरीबों से हैं। यानी बसपा सुप्रीमो मायावती ने भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद से किनारा कर लिया है। इसके बाद कांग्रेस चन्द्रशेखर के साथ भाईचारा दिखा रही है। जहां मायावती ने चंद्रशेखर के 'बुआ' कहने पर उन्हें आड़े हाथों लिया था। वहीं, कांग्रेस चंद्रशेखर को पश्चिमी यूपी क्षेत्र में दलित-मुस्लिमों का नेता बताया है।


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भाम आर्मी की ताकत सभी को कर रही है आकर्षित
गौरतलब है कि भीम आर्मी की पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दलित युवाओं के बीच बढ़ती लोकप्रियता की वजह से कई दूसरे राजनीतिक और सामाजिक संगठन भी भीम आर्मी की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इससे पहले समाजवादी पार्टी भी चंद्रशेखर को महागठबंधन में शामिल करने में दिलचस्पी दिखा रही है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी रविवार को कहा था कि भाजपा के खिलाफ जो भी महागठबंधन को मजबूती दे सकते हैं, उन सभी का स्वागत है।

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कांग्रेस पहले दिन से है भीम आर्मी के साथ
वहीं, अब कांग्रेस काफी पहले से चन्द्रशेखर के खड़ी दिख रही है। उनकी रिहाई के बाद एक बार फिर कांग्रेस चन्द्र शेखर के साथ खड़ी दिख रही है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष और पश्चिमी यूपी के दिग्गज नेता इमरान मसूद ने कहा है कि कांग्रेस और चंद्रशेखर का भाजपा को हटाने के लिए एक जैसा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि मैं तो चंद्रशेखर के साथ पहले दिन से हूं। उन्होंने कहा कि हम दोनों का मकसद भी एक है और दुश्मन भी एक और वह भाजपा है। गौरतलब है कि चंद्रशेखर के खिलाफ यूपी सरकार की तरफ से रासुका के तहत मामला दर्ज हुआ था और पिछले साल सहारनपुर और शब्बीरपुर गांव में हिंसा फैलाने के आरोप में उन्हें 15 महीने की जेल हुई थी। पिछले हफ्ते ही उनकी रिहाई हुई है।

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भीम आर्मी की मायावती ने की थी आलोचना
बसपा सुप्रीमो मायावती ने जातीय हिंसा के बाद शब्बीरपुर गांव का दौरा किया था और तब भी उन्होंने भीम आर्मी की आलोचना करते हुए खुद को उनसे दूर बताया था। वहीं, कांग्रेस नेता इमरान मसूद न सिर्फ चंद्रशेखर की रिहाई की वकालत की, बल्कि कांग्रेस विधायक मसूद अख्तर और नरेश सैनी के साथ उनके गांव का दौरा भी किया था।

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कांग्रेस नेता इमरान मसूद को भाई बता रहे चंद्रशेखर
कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने दलित-मुस्लिम एकता का हवाला देते हुए चंद्रशेखर आजाद को अपना भाई बताया था। इस मौके पर मसूद ने कहा कि भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर मायावती का काफी सम्मान करते हैं, लेकिन उनके खिलाफ मायावती के बयान ने उनकी उम्मीदों को बिखेर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष के प्रत्याशित महागठबंधन को तोड़ने के लिए भाजपा अफवाह फैला रही है। मसूद ने कहा कि मायावती की तरह चंद्रशेखर ने भी विपक्ष की एकता की संभावनाओं पर खुशी जताई है। वहीं, मसूद का साथ मिलने से उत्साहित चन्द्रशेखर ने भी उसे भाई बताया है।