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ताजमहल पर देवबंदी उलेमा बोले- कभी मंदिर नहीं था ताजमहल

ताजमहल को मुस्लिम ने बनाया आैर दुनिया के सात अजूबाें में से एक है इसलिए की जा रही है राजनीति
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सहारनपुर

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Rajkumar Pal

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Updated: 20 Oct 2017, 8:13 PM IST

Taj Mahal

सहारनपुर/देवबंद। ताजमहल पर भाजपा विधायक संगीत सोम के बयान आने के बाद से ही इस मामले पर बहस जारी है। इस बीच भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व फायर ब्रांड नेता विनय कटियार के बयान ने एक बार फिर से इस मामले काे तूल दे दी है। विनय कटियार ने कहा है कि मुगल शासन काल में धार्मिक स्थलों को तोड़ा गया, जिसमें ताजमहल भी हिन्दू समुदाय का एक शिव मंदिर था। उन्हाेंने कहा है कि इसकी वकालत ताजमहल में देवी देवताओं के सभी चिन्ह भी करते हैं। बरसात में जिस जगह पर पानी टपकता है वहां शिवलिंग था और पानी सीधा शिवलिंग पर गिरता था। शिवलिंग को हटाकर वहां मजार बनायी गई थी। विनय कटियार के इसी बयान पर देवबंदी उलेमा ने पलटवार किया है।

इस पर दारुल उलूम देवबंद जकरिया मदरसे के मुफ्ती शरीफ खान ने कहा है कि विनय कटियार हाे या संगीत सोम हों या कोई और हो, जो हकीकत तारीख से इनकार करता है और अपने जेहन से कोई बात करता है तो उसकी बात तसलीम नहीं की जा सकती। यानि मुफ्ती के मुताबिक विनय कटियार आैर संगीत साेम अपने बयान दे रहे हैं आैर इतिहास काे नजर अंदाज कर रहे हैं। मुफ्ती ने यह भी कहा है कि तामहल के बारे में सब जानते हैं और यह हकीकत है कि वहां पर कोई मंदिर नहींं था और ना ही कोई शिवलिंग था।

मुफ्ती बाेले इसलिए दिए जा रहे ताजमहल पर बयान

दारूल उलूम जकरिया मदरसे के मुफ्ती शरीफ खान ने कहा है कि दरअसल ताजमहल को मुसलमानों ने बनाया है आैर यह दुनिया के सात अजूबों में से एक अजूबा है। यही कारण है कि ताजमहल पर बयान दिए जा रहे हैं। मुसलमानों की मुखालफत की वजह से ये नए-नए बयानात दिये जा रहे हैं। उन्हाेंने साफ कहा कि हम इस तरह के बयानाें की निंदा करते हैं ये सही नहीं है ऐसे बयान से नेताआें काे भी परहेज करना चाहिए।