इस पर दारुल उलूम देवबंद जकरिया मदरसे के मुफ्ती शरीफ खान ने कहा है कि विनय कटियार हाे या संगीत सोम हों या कोई और हो, जो हकीकत तारीख से इनकार करता है और अपने जेहन से कोई बात करता है तो उसकी बात तसलीम नहीं की जा सकती। यानि मुफ्ती के मुताबिक विनय कटियार आैर संगीत साेम अपने बयान दे रहे हैं आैर इतिहास काे नजर अंदाज कर रहे हैं। मुफ्ती ने यह भी कहा है कि तामहल के बारे में सब जानते हैं और यह हकीकत है कि वहां पर कोई मंदिर नहींं था और ना ही कोई शिवलिंग था।