
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में रविवार को आया अंधी तूफान गंगोह के गांव कुंडा कला के ग्रामीणों पर कहर बनकर टूट पड़ा। आंधी तूफान के बाद जब आसमान में बिजली कड़क लड़ाई तो गांव के पास ही एक खेत में काम कर रहे दर्जन हर महिला पुरुष और बच्चों ने एक झोपड़ी में जाके शरण ले ली और इसके कुछ देर बाद आकाशीय बिजली झोपड़ी पर गिर गई भयंकर आग लगने से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
इस आग में बच्चों समेत आठ लोग गंभीर रुप से झुलस गए। एक बच्चे की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जिसका सहारनपुर अस्पताल में उपचार चल रहा है। इस बच्चे के अलावा सहारनपुर जिला अस्पताल में पांच लोगों का उपचार चल रहा है। इनमें से 4 गम्भीर रूप से जल रहे हैं। इस घटना के बाद पूरे गांव में कोहराम मचा हुआ है और आकाशीय बिजली गिरने की इस घटना से गांव के लोग दहशत में हैं।
इनकी हो गई मौत
बिजली कड़कते ही 50 वर्षीय सादा अपने बेटे आलम के साथ झोपड़ी में आ गया। इनके अलावा भी अन्य कई ग्रामीण जो खेत में काम कर रहे थे वो भी झोपड़ी में आ गए। अचानक बिजली गिरी तो सादा और तैमूर की मौत हो गई। जबकि इसी झोपड़ी में मौजूद गुलजार समेत 10 वर्षीय जाहिद, 8 वर्षीय शहजादी, 8 वर्षीय मुस्कुराना और तैमूर समेत नूर आलम, इसराना, आबिदा और शाहरूख खान आदि गम्भीर रूप से घायल हो गए।
ऐसे हुई घटना
मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक रविवार की शाम आसमान में काले बादल छा गए। तेज हवाओं के साथ बिजली कड़कने लगी तो जनपद वासियो में दहशत फ़ैल गई। इसी बीच थाना गंगोह इलाके के कुंडा कला गांव में उस वक़्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। जबकि बच्चों समेत 8 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
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ग्रामीणों के मुताबिक़ गांव कुंडा में युमना नदी के पास किसान परिवार समेत करीब डेढ़ दर्जन लोग खेत में गन्ने की बुवाई कर रहे थे। अचानक आए अंधड़ और बारिश से बचने के लिए ये लोग पास में ही बनी झोपड़ी के अंदर खड़े हो गए। इन लोगों पर आकाशीय बिजली कड़कड़ाती हुई कहर बनकर टूट पड़ी। झोपड़ी के नीचे खड़े लोगों पर गिर गई। हादसे में 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बच्चों समेत आठ लोग बिजली की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गए।
बिजली के कहर से चीख पुकार मचने लगी। बताया जा रहा है कि हादसे के वक़्त झोपड़ी में 18-20 लोग मौजूद थे। गनीमत ये रही कि उनकी किस्मत अच्छी थी जिसके चलते इससे भी बड़ा हादसा हो सकता था और ज्यादा लोगो की जान जा सकती थी। घायलों की चीख पुकार सुनकर आसपास के किसान और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। आनन फानन में सभी घायलों को गंगोह अस्पताल भर्ती कराया डॉक्टरों ने उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। उधर आकाशीय बिजली गिरने से मरने वाले किसानों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
देखें वीडियो-यूपी के इस गांव में आंधी तूफान का कहर
तो क्या मोबाइल चलाने से हुई दुर्घटना
मौसम विभाग की ओर से पहले ही चेतावनी दी गई थी कि अगर आसमान में बिजली कड़के तो मोबाइल फोन बंद कर लें और अपने घर के बिजली के मेन स्विच भी बंद कर दें। इस घटना में ऐसी आशंका जताई जा रही है कि मोबाइल फोन के उपयोग से ही बिजली झोपड़ी पर गिरी। बताया गया है कि जिस वक्त बरसात से बचने के लिए ग्रामीण झोपड़ी में पहुंचे तो झोपड़ी के अंदर कुछ लोग मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रहे थे। ऐसे में इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि मोबाइल फोन के कारण ही बिजली झोपड़ी पर गिर गई हो।
बागपत में भी आंधी से बच्ची की मौत
बागपत जनपद के छपरौली थाना क्षेत्र में बीति रात आयी तेज आंधी और बारिश से एक 12 वर्षीय बच्ची की मौत हो गयी। आंधी में मकान की दीवार गिर गयी जिसके नीचे दबकर बच्ची घायल हो गयी और अस्पताल ले जाते समय बच्ची ने दम तोड़ दिया।घटना बागपत जनपद के छपरौली थाना क्षेत्र के रठौडा गांव की है। जिलाधिकारी बागपत ने पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी ।
Published on:
14 May 2018 02:36 pm
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