
सहारनपुर। भीम आर्मी जिला अध्यक्ष कमल वालिया के छोटे भाई सचिन वालिया की गोली लगने से हुई मौत के मामले में पुलिस ने राजपूत महासभा के पदाधिकारी शेर सिंह राणा समेत चार लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है इनके अलावा कुछ अज्ञात भी इस रिपोर्ट में शामिल हैं।
भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष कमल वालिया की मां कांति देवी की ओर से यह तहरीर कोतवाली देहात पुलिस को दी गई और इसी तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया कोतवाली देहात प्रभारी के मुताबिक तहरीर में केवल नाम दिए गए हैं जिन्हें आरोपी बनाया गया है उनके पिता का नाम और उनका एड्रेस तहरीर में नहीं है ऐसे में उनके पास सिर्फ इतनी ही जानकारी है कि यह सभी आरोपी राजपूत महासभा के पदाधिकारी हैं लेकिन यह कौन है और कहां के रहने वाले हैं इसका पता अभी तक नहीं लग पाया है जांच के दौरान यह बातें सामने आएंगी।
इन्हें किया गया है नामजद
तहरीर में भीम आर्मी का जिला अध्यक्ष कमल वालिया की मां कांति देवी की ओर से राजपूत महासभा के पदाधिकारी शेर सिंह राणा समेत कहना राणा उर्फ दीपक रायपुर नागेंद्र राणा व उपदेश राणा पर हत्या की साजिश के आरोप लगाए गए हैं। शेर सिंह राणा राजपूत महासभा के पदाधिकारी बताए गए हैं इस तहरीर में शेर सिंह राणा के पिता का नाम और उनका पता नहीं खोला गया है।
यह है मामला
दरअसल 9 मई बुधवार को सहारनपुर के मालीपुर रोड पर स्थित महाराणा प्रताप भवन में महाराणा प्रताप जयंती मनाई जा रही थी। इस जयंती प्रोग्राम को लेकर सहारनपुर में पिछले 1 सप्ताह से राजनीति और माहौल दोनों ही गरम थे। दर्शन भीम आर्मी ने पिछले वर्ष 9 मई की घटना का हवाला देते हुए यह आशंका जताई थी कि अगर क्षत्रिय समाज को महाराणा प्रताप जयंती मनाई जाने की अनुमति दी जाती है तो विवाद हो सकता है। इस पर प्रशासन ने महाराणा प्रताप जयंती मनाने के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया था लेकिन इसके बाद मामला राजनीतिक हो गया और क्षत्रिय समाज ने आस्तीन में चढ़ाते हुए साफ कह दिया कि अगर हमें महाराणा प्रताप जयंती मनाया जाने की अनुमति नहीं मिली तो कैराना उपचुनाव का विरोध किया जाएगा बहिष्कार किया जाएगा।
इसके बाद 8 मई की शाम को जिला प्रशासन की ओर से महाराणा प्रताप जयंती की अनुमति दे दी गई 9 मई बुधवार को मणिपुर रोड पर ही महाराणा प्रताप भवन में महाराणा प्रताप जयंती मनाई जा रही थी और यहां से चंद कदमों की दूरी पर रामनगर गांव में भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष कमल वालिया के छोटे भाई संजय वालिया को संदिग्ध हालातों में गोली लग जाती है। गोली लगने से घायल हुए संजीव वालिया की अस्पताल ले जाते हुए मौत हो जाती है और इसके बाद संजीव वालिया के परिजन साफ तौर पर आरोप लगाते हैं कि इस घटना को क्षत्रिय समाज के लोगों ने अंजाम दिया है और उन्होंने सचिन की गोली मारकर हत्या कर दी।
इस घटना के बाद आनन-फानन में महाराणा प्रताप जयंती प्रोग्राम को बंद करा दिया जाता है और बड़ी संख्या में दलित समाज के लोग अस्पताल में पहुंचकर हंगामा कर देते हैं। यहां पुलिस के साथ भी दलित समाज के लोगों की खींचातानी और धक्का-मुक्की होती है और इसके बाद शाम को भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष कमल वालिया की मां की ओर से पुलिस को तहरीर दी जाती है और इस तहरीर के आधार पर फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
Published on:
10 May 2018, 7:45 PM IST
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