
मध्यप्रदेश की सतना लोकसभा सीट अपने आप में एक गजब किस्सा है। साल 2014 में पूरे देश में मोदी लहर चल रही थी। इसी बीच कांग्रेस ने सतना लोकसभा सीट से जाने-माने चेहरे पूर्व सीएम के बेटे को मैदान में उतारा था। कांग्रेस उस वक्त पूरे चुनाव में आगे चल रही थी। लेकिन चुनाव से पहले उठी सियासी हवा ने पूरे चुनाव का रूख ही बदल दिया था। कांग्रेस की ओर से कोई और नहीं पूर्व नेता प्रतिपक्ष और वर्तमान चुरहट विधायक अजय सिंह राहुल प्रत्याशी थे। आइए जानते हैं पूरी कहानी......
साल 2014 में कांग्रेस प्रत्याशी अजय सिंह राहुल का प्रचार करने बॉलीवुड एक्ट्रेस अमीषा पटेल आई थी। उनके साथ राजीव शुक्ला भी आए थे। वक्त दोपहर का था इनका कार्यक्रम मैहर विधानसभा में था। उस वक्त मैहर में कांग्रेस का मोर्चा नारायण त्रिपाठी ने थाम रखा था। मैहर का कार्यक्रम खत्म होने के बाद नारायण त्रिपाठी के साथ बॉलीवुड एक्ट्रेस और राजीव शुक्ला सतना के निकलते हैं। नारायण त्रिपाठी खुद ड्राइव करके सतना के लिए निकलते हैं। सतना में शाम 4 बजे अमीषा पटेल का रोड शो प्रस्तावित था। तभी उस वक्त के विधायक यादवेंद्र सिंह का फोन नारायण त्रिपाठी को आता है कि एक छोटा-सा कार्यक्रम नागौद विधानसभा के उचेहरा में करवा दीजिए। बात मानकर नारायण त्रिपाठी अपनी गाड़ी उचेहरा नगर के अंदर ले लेते हैं। वहां एक्ट्रेस को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ जाती है। रास्ते में जाम की स्थिति बन जाती है और उनका काफिला फंस जाता है। यहां पर 15 मिनट की जगह एक घंटे का समय लग जाता है। ऐसे में मैहर से सतना पहुंचने में लगभग 2 घंटे लग जाते हैं।
सतना के बायपास में बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता एक्ट्रेस अमीषा पटेल का इंतजार कर रहे होते हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता अपनी-अपनी बाइकों के साथ काफिले का करीब 3 बजे से इंतजार कर रहे थे। सतना की कांग्रेस कमेटी ने भी रोड शो के लिए तैयारी कर रखी थी। उचेहरा में लेट होने के कारण कार्यकर्ताओं में गुस्सा बढ़ रहा था। नारायण को जल्दी आने के लिए लगातार फोन किया जा रहा था। क्योंकि अमीषा पटेल को विमान से वापस जाना था। इधर शाम हो रही थी। जैसे ही अमीषा पटेल का काफिला सतना बायपास पर पहुंचा वैसे ही जिंदाबाद के नारे लगने शुरू हो गए। लेकिन अंधेरा होने के कारण अमीषा ने रोड शो करने से मना कर दिया। इसके बाद नारायण त्रिपाठी ने काफिले को आगे बढ़ा लिया। इससे कार्यकर्ता नाराज हो गए और नारायण के ऊपर नाराज कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी कर दी। उनके साथ अभद्रता भी हुई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने किसी तरह स्थिति पर काबू पाया। लेकिन यहां से कांग्रेस के लिए समस्या बढ़ने वाली थी। जैसे ही अमीषा और राजीव हवाई अड्डे से निकले। वैसे ही नारायण भी मैहर के लिए निकल गए। तबतक सतना के गलियारों में शोर मच चुका था कि साजिश के तहत अजय सिंह राहुल के गुट के नेताओं ने नारायण त्रिपाठी के साथ अभद्रता की है।
सतना लोकसभा का बीजेपी के लिए चुनाव काफी मुश्किल हो गया था। बीजेपी को किसी मौके की तलाश थी कि कैसे भी करके कांग्रेस के किसी नेता को तोड़ लिया जाए। जैसी नारायण की नाराजगी की बात सामने आई तो बीजेपी के मेनन के साथ कई बीजेपी नेता मैहर पहुंच गए। कांग्रेस की तरफ से मान मनौवल का दौर चल रहा था। लेकिन इससे पहले की बात बनती। चुनाव के 48 घंटे पहले शिवराज सिंह चौहान सतना पहुंच जाते हैं। नारायण के साथ शिवराज की लंबी बात चलती है। इसके बाद नारायण शिवराज सिंह के साथ प्लेन से चोरहटा के लिए उड़ जाते हैं। रीवा जिले में नारायण त्रिपाठी आना होता है और शाम तक बीजेपी को समर्थन देने का ऐलान कर देते हैं। यहां कांग्रेस को बड़ा झटका लगता है। अजय सिंह राहुल मैहर जाकर डेरा डालते हैं लेकिन नतीजा कांग्रेस और उनके पक्ष में नहीं आता। इस कड़े मुकाबले में अजय सिंह भाजपा प्रत्याशी गणेश सिंह से 8,688 मतों से हार गए। इस चुनाव में भाजपा को 3,75,288 और कांग्रेस को 3,66,600 वोट मिले थे।
Updated on:
20 May 2024 01:30 pm
Published on:
13 Apr 2024 08:36 pm
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