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बजरंग दल कार्यकर्ताओं को पुलिस ने जमीन पर लिटा-लिटाकर पीटा, कई घायल

कार्यकर्ताओं को सड़क पर घसीटते हुए पीटा
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सतना

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deepak deewan

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Updated: 1 Nov 2021, 1:15 PM IST

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सतना. मध्यप्रदेश में बजरंग दल कार्यकर्ताओं को पुलिस ने जमीन पर लिटा-लिटाकर पीटा है. सतना में हुई इस घटना में कई कार्यकर्ता घायल हो गए हैं. यहां धर्मांतरण पर बवाल हुआ था. बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने थाने के सामने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. पिटाई के विरोध में बजरंग दल के कार्यकर्ता रविवार देर रात तक थाने के सामने प्रदर्शन करते रहे.

पुलिसकर्मियों ने कार्यकर्ताओं को जमीन पर लिटा-लिटाकर पीटा और इसके बाद घसीटते हुए थाने में ले गए. घटना में एक गर्भवती कॉन्स्टेबल भी घायल हुई जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इधर पुलिस की पिटाई में बजरंग दल के आधा दर्जन कार्यकर्ता घायल हुए हैं. पुलिस अफसरों ने जब मामले की जांच कराने की बात कही, तब जाकर मामला शांत हुआ.

जानकारी के अनुसार धर्मांतरण के एक मामले में शाम को थाने में बयान हो रहे थे तभी वहां मौजूद कुछ लोगों ने सड़क पर टायर जलाकर चक्काजाम कर दिया. पुलिस की समझाइश के बाद भी कार्यकर्ता नहीं माने और धक्का-मुक्की करने लगे. पुलिस के साथ गाली-गलौज भी शुरू कर दी. इधर आपाधापी में गर्भवती कॉन्स्टेबल प्रियंका सिंह पटेल को चोट लग गई जिससे पुलिसकर्मी भन्ना उठे.

पुलिस कर्मचारियों ने लाठियां बरसाना शुरु कर दिया. बताया जा रहा है कि सीएसपी महेंद्र सिंह चौहान भी मौके पर थे और उनका इशारा मिलने के बाद ही कार्यकर्ताओं की पिटाई शुरू की गई. दो कार्यकर्ताओं को तो पुलिसकर्मियों ने जमीन पर लेटाकर पीटा और बाद में उन्हें घसीटते हुए थाने ले गई है. कार्यकर्ताओं की इस पिटाई का वीडियो भी वायरल हुआ है.

पुलिस की पिटाई में बजरंग दल कार्यकर्ता सौरभ सिंह, ऋषभ शुक्ला, राजबहादुर मिश्रा, सचिन शुक्ला, अनंत मिश्रा घायल हुए हैं. कार्यकर्ताओं की पिटाई से नाराज बजरंग दल के अन्य कार्यकर्ताओं ने कोलगवां थाना के सामने देर रात तक प्रदर्शन किया. कार्यकर्ताओं ने सतना सीएसपी महेंद्र सिंह चौहान और कोलगवां टीआई डीपी सिंह को निलंबित करने की मांग की.

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मूल में है ये विवाद
चर्च ऑफ गॉड में धर्मांतरण किए जाने की सूचना मिली थी जिसपर बजरंग दल के कई कार्यकर्ता वहां पहुंच गए। पुलिस फोर्स भी पहुंची और वहां प्रार्थना चलते देख पुलिस ने कार्यकर्ताओं को बाहर कर दिया. मौके पर सीएसपी और कोलगवां टीआई के आने पर बातचीत शुरू हुई। फादर बीजू थॉमस ने धर्मांतरण से इंकार किया. मौजूद लोगों ने पूछताछ में बताया कि वे स्वेच्छा से यहां आए हैं.