बताया गया, रेलवे को अप्रैल में उम्मीद के मुताबिक यात्री मिले। मई में मुसाफिरों सहित कमाई में भी बम्पर उछाल आया। हालांकि जून में निराशा हाथ लगी। जानकारों के मुताबिक सतना से गुजरने वाली 174 ट्रेनों में से दो दर्जन ट्रेनें एेसी हैं जो बारह महीने राजस्व देती हैं। बाकी गर्मियों की छुट्टी व त्योहारों में ही रेलवे की तिजोरी भरती हैं। रेवांचल एक्सप्रेस, महाकौशल, रीवा-आनंद विहार, मुम्बई-हावड़ा, पटना-पुणे जैसी ट्रेन सतना के लिए कमाऊपूत साबित होती हैं।