
Story of satna sambal yojna
सतना। मुख्यमंत्री संबल योजना के तहत शहर में रेकॉर्ड 85 हजार श्रमिकों के पंजीयन हुआ, लेकिन फिक्स रेट बिजली स्कीम में महज 28 सौ लोगों को ही फायदा पहुंचा। विद्युत कंपनी का सिटी डिवीजन योजना के क्रियान्वयन में पूरे प्रदेश में सबसे फिसड्डी साबित हो रहा है। नगर निगम की ओर से शहरी क्षेत्र में संबल योजना के तहत जितने श्रमिकों का पंजीयन किया गया है, उनमें से सिर्फ पांच फीसदी लोगों को बीते दो माह में फिक्स रेट (200 रुपए) पर बिजली मिल रही है।
भोपाल में मुख्यमंत्री बिल माफी व सरल योजना की समीक्षा के दौरान पाया गया कि सिटी डिवीजन सतना में योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरती गई। अधिकारियों ने सिर्फ उन्हें की फिक्स रेट बिजली योजना का लाभ दिया, जो खुद दफ्तरों में आवेदन करने पहुंचे थे। सिटी डिवीजन द्वारा लगाए गए कै म्पों का प्रचार-प्रसार नहीं होने से काफी लोग योजना का लाभ लेने में पिछड़ गए। वहीं विद्युत अधिकारियों का कहना है कि संबल के तहत श्रमिक पंजीयन बाद में हुए जिसके चलते इतना बड़ा अंतर आया।
इस माह पांच हजार पार करने की चुनौती
बताया गया कि बिल माफी योजना के तहत नगर निगम क्षेत्र में साढ़े 12 हजार बीपीएल उपभोक्ताओं के 2.5 करोड़ के बकाया बिल माफ किए गए हैं। लेकिन सरल योजना में डिवीजन पीछे रह गया। एक जुलाई से अब तक सिर्फ 28 सौ लोगों को ही लाभ दिया गया। बताया गया कि विद्युत कंपनी के शीर्ष अधिकारियों ने सिटी डिवीजन को सख्त निर्देश दिए हैं कि बाकी कार्यों को दरकिनार कर हर हालत में सितम्बर तक में 5 हजार हितग्राहियों को लाभ दें।
10 हजार लोगों से मांगे जा रहे आवेदन
200 रुपए प्रतिमाह की दर से बिजली लेने वाले लाभार्थियों को जोडऩे में पीछे चल रहा सिटी डिवीजन अब वार्डों में जाकर योजना के पात्र लोगों से आवेदन मांग रहा है। डीई सिटी सुभाष राय ने बताया कि नगर निगम में हुए पंजीयन में 10 हजार एेसे फॉर्म हैं, जिनमें मोबाइल नम्बर दर्ज हैं। एक टीम बना कर श्रमिकों को फोन कर सरल बिजली योजना के आवेदन मंगाए जा रहे हैं। जिन लोगों ने नम्बर नहीं दिए उनके पते पर जाकर आवेदन लिए जाएंगे। अब तक पॉवर हाउस स्थित कार्यालय से 2 हजार लोगों को फोन कर आवेदन मंगाए गए हैं।
Published on:
9 Sep 2018, 4:13 PM IST
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