
इन्दिरा मार्केट स्थित घर से शव को ले जाते परिजन-फाइल फोटो
गंगापुरसिटी. इक्कीसवी सदी के दौर में भी लोग अंधविश्वास की जकड़ में है। दिल्ली के बुराड़ी में गत दिनों एक साथ 11 लोगों की मौत इसका सबूत है। एक साथ पूरे परिवार के खत्म होने की इस प्रकार की घटना पहली बार हुई हो, ऐसा नहीं है। इससे पहले भी इस प्रकार की घटनाएं हुई है जब अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के फेर में लोगों ने स्वयं और परिजनों की जान गंवाई है।
बुराड़ी जैसी हृद्य विदारक घटना पांच साल पहले शहर में भी हो चुकी है। नसियां कॉलोनी में भगवान से मिलने की चाहत में एक ही परिवार के पांच लोग 26 मार्च 2013 को काल के ग्रास बन गए। गौरतलब है कि नसियां कॉलोनी निवासी कंचन सिंह, उसकी पत्नी ड्रिमी, पुत्र प्रद्युुम्न सहित दीप सिंह व नीलम सिंह की भगवान से मिलने की चाहत में तंत्र-मंत्र के फेर में जहरीले लड्डू खाने से मौत हो गई थी। दिल्ली के बुराड़ी की घटना सामने आई तो लोगों के जेहन में एक बार फिर से नसियां कॉलोनी की घटना ताजा हो गई।
एक साथ पांच चिताएं
अंधविश्वास के फेर में जान गंवाने के बाद शहर के श्मशान में एक साथ पांच चिताएं जली। होली से ठीक पहले हुई इस घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया कि कोई कैसे ऐसा कर सकता है। शोक में लोगों ने होली का त्योहार भी
नहीं मनाया।
शव पर करते रहे तंत्र-मंत्र
तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास का ताजा मामला शहर में गत फरवरी में सामने आया। युवती की मौत के बाद भी उसे जिन्दा करने का झांसा देकर तांत्रिक तंत्र-मंत्र करते रहे। युवती के माता-पिता भी तंत्र-मंत्र पर विश्वास लगाए रहे। इन्दिरा मार्केट निवासी अनिता पुत्री ताराचंद को भूत-पे्रत का साया बता कर तंत्र मंत्र से उपचार किया। साथ ही देवी का प्रवेश होने की बात कही।
इस बीच अनिता बीमार हो गई। इसके बाद भी तंत्र-मंत्र करने वाले तांत्रिकों ने उसे अस्पताल नहीं ले जाने दिया। अनिता की मौत के बाद भी तंत्र-मंत्र करते रहे। मृतका के भाई की शिकायत पर पुलिस मौके पर पहुंची तो मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने इस मामले में मृतका के माता-पिता सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया था।
Published on:
5 Jul 2018, 9:47 PM IST
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