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जांच में फेल, कृषि उपज मंडी में वापस पहुंच रही गाडिय़ां,कृषि उपज मंडी का मामला

जांच में फेल, कृषि उपज मंडी में वापस पहुंच रही गाडिय़ां,कृषि उपज मंडी का मामला
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सवाई माधोपुर

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Abhishek Ojha

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Updated: 18 May 2018, 2:00 PM IST

मंडी

जांच में फेल होने के बाद चौथकाबरवाड़ा मंडी में गुरुवार को लगा चने के कट्टों का ढेर।

चौथकाबरवाड़ा. कृषि उपज मंडी में इस बार नेफेड द्वारा मंडी में सर्वेयर न लगाकर वेयर हाउसों पर नियुक्त कर दिया है। ऐसे में मंडी में सर्वेयर नहीं लगाने से जिंसों की गुणवता जांच करने के लिए बिना प्रशिक्षण केवीएसएस कर्मचारियों को जांच प्रभारी बनाकर मंडी में नियुक्त कर दिया। ऐसे में वेयर हाउसों पर लगाए सर्वेयर जिंसों में गुणवता की कमी होने से वापस मंडी में लौटा रहे हैं।


प्रशिक्षण नहीं दिया
मंडी में सर्वेयर नहीं होने की स्थिति में केवीएसएस के कर्मचारियों को जांच का प्रशिक्षण दिया जाना था, लेकिन प्रशिक्षण नहीं देने से अब परेशानी बढ़ गई है। मंडी से वेयर हाउसों पर गई गाडिय़ों में से अब तक 26 गाडिय़ों को जांच में फेल कर वापस मंडी में लौटा दी गई है।


मंडी केन्द पर नेफेड द्वारा सर्वेयर की व्यवस्था नहीं की गई ना ही केवीएसएस कर्मचारियों को गुणवता जांच के लिए प्रशिक्षण दिया गया। ऐसे में अब वेयर हाउस पर लगे सर्वेयर गाडिय़ों को जांच में फेल कर वापस लौटा रहे हैं।
राजेश जोशी, क्रय विक्रय सहकारी समिति व्यवस्थापक चौथ का बरवाड़ा


'लक्ष्मी को नहीं मिल रहा 'शुभलक्ष्मी का लाभ,प्राथमिकता से नहीं कर रहे पत्रावलियों का निस्तारण,शुभ शक्ति योजना का मामला
सवाईमाधोपुर. फलौदी निवासी एक जने ने गुरुवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर श्रम अधिकारी द्वारा शुभ शक्ति योजना की पत्रावलियों को प्राथमिकता से निस्तारण कराने की मांग की है। पीडि़त दीपक चंदेल ने बताया कि उसने पुत्री लक्ष्मीकुमारी की शुभ शक्ति पत्रावली 4 सितम्बर 2017 को ऑनलाइन कराई थी। वह गरीब है पेंटिग कार्य कर परिवार चला रहा है। वह लगातार श्रम विभाग के चक्कर काट रहा है। पीडि़त की पत्रावली का भौतिक सत्यापन 13 फरवरी को हो चुका है। 13 अप्रेल को पत्रावली पेडिंग फिजिकल वेरिफिकेशन पर आ गई। जिसको सुविधा शुल्क के अभाव में 28 अप्रेल को वापिस क्लियरीफिकेशन पर डाल दिया।

जबकि उसके बाद ऑनलाइन हुई। पत्रावलियों का भुगतान 3 माह में पूर्व हो चुका है। पिछले पांच माह से वह श्रम कार्यालय के कई चक्कर काट चुका है, लेकिन श्रम अधिकारी व कर्मचारी नहीं मिलते है। गुरुवार को भी कार्यालय में कोई नहीं था। उसने सीएम से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। उधर इस संबंध में सहायक श्रम आयुक्त जीपी वर्मा ने बताया कि सभी पत्रावलियों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। आरोप निराधार है।

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