
सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर बाघ परियोजना के मौजूदा पर्यटन सत्र में कई पर्यटन जोन में रास्तों के खस्ताहाल व क्षतिग्रस्त होने से हादसे की आशंका बनी हुई है। रणथम्भौर के बाहरी जोनो में रास्ते अधिक खराब हो रहे हैं। ऐसे में वाहन चालकों व पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और हादसे की आशंका भी बनी हुई है।
बारिश ने बिगाड़ा खेल
रणथम्भौर से जुड़े वाहन चालकों व गाइडो की माने तो हर साल सत्र के शुरूहोने से पूर्व व बारिश के बाद वन विभाग की ओर से पर्यटन रूट के रास्तों पर मिट्टी डलाकर उन्हें समतल कराकर उनकी मरम्मत की जाती है। इस बार भी विभाग की ओर से रास्तों की मरम्मत कराई गई थी लेकिन सत्र के बीच में बारिश आने के कारण कई जोन में रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए लेकिन विभाग की ओर से रास्तों की दुबारा मरम्मत नहीं कराई गई।
बाहरी जोनो में समस्या अधिक
रणथम्भौर के मुख्य जोन (एक से पांच ) में तो रास्ते ठीक है लेकिन रणथम्भौर के बाहरी जोनो में रास्ते क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। सबसे अधिक समस्या जोन सात में हैं। यहां जामूनदेह के आसपास के क्षेत्र में रास्ते काफी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं और ऐसे में हादसा भी हो सकता है। वहीं जोन दस में भी कुछ रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
पूर्व में भी हो चुके हैं हादसे
रणथम्भौर में मौजूदा पर्यटन सत्र में तीन बार हादसे हो चुके है। 26 अक्टूबर को शाम की पारी के दौरान रणथम्भौर के बैरदा वन क्षेत्र में पर्यटकों से भरी एक जिप्सी पलट गई थी गनीमत रही थी कि हादसे में कोई गंभीर घायल नहीं हुआ था। इसके बाद 16 नवम्बर को भ्रमण के दौरान एक कैंटर के ब्रेक फेल हो गए थे। इसी दो दिन बाद ही 18 नवम्बर को ब्रेक फेल होने के कारण एक कैंटर जंगल मेें पेड से टकरा गया था।
इनका कहना है….
कुछ जोन में कई जगहों पर रास्ते क्षतिगसत हो रहे हैं। इनकी जल्द ही मरम्मत करा दी जाएगी।
– महेन्द्र शर्मा, उपवन संरक्षक, रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर।