
राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा। फोटो पत्रिका
Lado Protsahan Scheme : राजस्थान सरकार ने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश में लाडो प्रोत्साहन योजना का दायरा बढ़ाया गया है। अब लाडो प्रोत्साहन योजना का लाभ मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में पढ़ने वाली बालिकाओं को भी मिलेगा। पहले यह योजना केवल सरकारी स्कूलों की छात्राओं तक सीमित थी, लेकिन अब इसे सभी वर्गों की बेटियों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है, जिससे हर बालिका को समान अवसर मिल सके।
लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत राज्य सरकार छात्रा को जन्म से लेकर स्नातक स्तर तक कुल 1.50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। यह राशि 7 किश्तों में दी जाएगी, जिससे छात्रा को शिक्षा के दौरान किसी प्रकार की आर्थिक बाधा न आए।
नवंबर माह से महिला अधिकारिता, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा स्कूल शिक्षा विभाग मिलकर कार्यशालाएं आयोजित करेंगे, जिनमें आवेदन प्रक्रिया और भुगतान संबंधी जानकारी दी जाएगी। इसके लिए शिक्षा निदेशक ने आदेश भी जारी किए हैं। यह योजना न केवल बालिकाओं को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को भी मजबूती प्रदान करेगी। इससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को समान अवसर मिलेंगे।
इस योजना का लाभ उन्हीं छात्राओं को मिलेगा, जिनका जन्म सरकारी या अधिकृत चिकित्सा संस्थान में हुआ हो, जो राजस्थान की मूल निवासी हों, और जिन्होंने सरकारी या मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय में नियमित अध्ययन किया हो। साथ ही सभी आवश्यक टीकाकरण समय पर पूर्ण होना अनिवार्य है। योजना में अब राजश्री योजना को भी शामिल कर लिया गया है, जिससे परिवारों को अलग-अलग औपचारिकताओं से राहत मिलेगी।
जन्म पर- 2500।
एक वर्ष की आयु व टीकाकरण पूर्ण होने पर - 2500।
प्रथम कक्षा में प्रवेश पर - 4000।
कक्षा 6 में प्रवेश पर -5000।
कक्षा 10 में प्रवेश पर -10000।
कक्षा 12 में प्रवेश पर -25000।
स्नातक पूर्ण होने व 21 वर्ष की आयु पर -100000।
निजी स्कूलों की बालिकाओं को योजना में शामिल करना राज्य सरकार का सराहनीय निर्णय है। इससे हर बालिका को शिक्षा का समान अवसर मिलेगा और समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा।
मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष, शिक्षक संघ रेसटा
Updated on:
09 Nov 2025 01:37 pm
Published on:
09 Nov 2025 01:37 pm
