
संकल्प लेते पार्षद।
सवाईमाधोपुर. यहां नगर परिषद सभापति डॉ. विमला शर्मा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव बैठक पर कोर्ट में स्टे होने से निराश पार्षद अब घरों को लौट आए हैं। ज्यादातर पार्षद भरतपुर स्थित एक होटल में रुके हुए थे। वे सुबह वहां से रवाना हो गए थे। कुछ दोपहर को रवाना हुए। शाम तक वे अपने घर पहुंच गए।
पार्षदों के चेहरों पर मायूसी छाई थी। क्योंकि इस बार नगर परिषद के 45 में से 38 पार्षद अविश्वास के समर्थन में थे। वहीं आर-पार की लड़ाई के मूड में थे, लेकिन ऐनवक्त पर कोर्ट के स्टे से उनकी हसरत पूरी नहीं हो सकी। हालांकि अब पार्षद 25 जुलाई को होने वाली सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं। पार्षदों का कहना है कि कोर्ट के स्टे से उनका मनोबल नहीं टूटा है। अब तक तो सवाईमाधोपुर से बाहर जाकर अविश्वास की लड़ाई लड़ रहे थे, लेकिन अब सवाईमाधोपुर में रहकर ये लड़ाई लडेंगे।
संकल्प के साथ रवाना
पार्षदों का कहना है कि वे जिस स्थान पर थे, वहां से संकल्प लेकर रवाना हुए हैं कि शहर के विकास के लिए वर्तमान सभापति को हटाकर रहेंगे। सभापति के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामला चल रहा है। आरोप लगाया कि सभापति की मनमानी के चलते शहर का विकास रुका हुआ है।
पार्टी करे विचार
सवाईमाधोपुर.नगर परिषद सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव मामले को लेकर अब भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह भाया ने गुरुवार को बयान जारी किया है। पूर्व जिलाध्यक्ष ने बयान में बताया कि नगर परिषद सभापति ने अपना बहुमत खो दिया है। अन्यथा उन्हें न्यायालय की शरण में जाने की जरूरत नहीं होती। सदन के पार्षद सभापति के खिलाफ है। जिले की कोर कमेटी, मण्डल अध्यक्ष आदि ने प्रदेश संगठन को उन्हेें पद से हटाने की मांग की है, लेकिन इसके बाद भी पार्टी अब तक निर्णय नहीं ले पा रही है। पार्टी को संगठन के हित में इस संबंध में एक बार फिर से विचार करना चाहिए।
Published on:
13 Jul 2018, 11:15 AM IST
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