
बैठक में मौजूद ग्रामीण और इनसेट में डूंगरी बांध। फोटो: पत्रिका
मलारना डूंगर। सवाई माधोपुर जिले के मलारना डूंगर को लेकर ग्रामीणों का विरोध बढ़ता जा रहा है। मलारना डूंगर क्षेत्र के भूखा गांव में डूंगरी बांध विरोध आंदोलन संघर्ष समिति की विशेष बैठक हुई। जिसमें प्रस्तावित बांध स्थल पर 26 जनवरी को तिरंगा फहराने का निर्णय लिया गया। साथ ही ग्रामीणों ने डूंगरी बांध परियोजना का समर्थन करने वाले नेताओं के कार्यक्रमों का सामूहिक बहिष्कार का फैसला लिया।
शब्बीर लहरी शेषा की अध्यक्षता में बैठक डूंगरी बांध के खिलाफ एकजुट और सशक्त संघर्ष के संकल्प के साथ शुरू हुई। इस दौरान प्रभावित ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से 21 नवंबर को जोड़ली (सपोटरा) में निर्णायक महापंचायत करने का निर्णय किया।
आंदोलन से जुड़े मुकेश भूप्रेमी ने बताया कि 9 नवंबर को महेशरा गांव के तेजाजी मंदिर पर बैठक होगी। इससे पूर्व 2 नवंबर से खिदरपुर जादौन और अन्य प्रभावित गांवों में जनजागृति एवं संगठन सुदृढ़ीकरण सभाएं की जाएंगी। 10 से 20 नवंबर तक जोड़ली महापंचायत के लिए जागृति अभियान चलाया जाएगा। ताकि 21 नवंबर को जोड़ली में भारी जनसमूह के साथ संगठन शक्ति का प्रदर्शन किया जा सके।
26 जनवरी 2026 को प्रस्तावित संघर्ष समिति के लोग डूंगरी बांध स्थल पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर संघर्ष और बलिदान का संकल्प लेंगे। आंदोलन को कानूनी और संगठित रूप देने के लिए नवंबर के प्रथम सप्ताह में सरकार को लीगल नोटिस भेजने और रणथंभौर रोड पर आंदोलन का स्थायी कार्यालय स्थापित करने का निर्णय किया।
साथ ही कहा कि आंदोलन को प्रदेश स्तरीय रूप देने के लिए सोशल मीडिया और जनसंपर्क अभियान को मजबूत करेंगे एवं डूंगरी बांध परियोजना का समर्थन कर रहे राजनेताओं के कार्यक्रमों का सामूहिक बहिष्कार किया जाएगा। आंदोलन को और व्यापक रूप देने के लिए 16 नवंबर को दिवाडा और बूकना गांव में प्रचार सभाएं होंगी।
Updated on:
27 Oct 2025 02:22 pm
Published on:
27 Oct 2025 02:22 pm
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