
सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर में एक बार फिर से खुूशखबरी मिलने के आसार है। इस बार रणथम्भौर की बाघिन टी-8 यानि लाडली के मां बनने और शावकों को जन्म देने के आसार जताए जा रहे हैं। वन अधिकारियों ने बताया कि बाघिन की शारीरिक संरचना में बदलाव नजर आ रहा है। ऐसे में बाघिन के शावकों को जन्म देने के कयास लगाए जा रहे हैं।
कुण्डाल क्षेत्र में आई नजर
वन विभाग के अनुसार मंगलवार सुबह की पारी में गए पर्यटकों व वन विभाग के कार्मिकों को रणथम्भौर के जोन छह के कुण्डाल वन क्षेत्र में बाघिन टी-8 नजर आई थी। बाघिन की शारीरिक संरचना में बदलाव दिखाई दे रहा है। हालांकि अब तक बाघिन के साथ शावक नजर नहीं आए हैं। हालांकि वन विभाग की ओर से बाघिन की मॉनिटरिंग व टे्रकिंग कराई जा रही है। इसके लिए विभाग की ओर से बाघिन के विचरण क्षेत्र में फोटो ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं।
छठी बार बनेगी मां
यदि बाघिन के साथ जल्द ही शावक नजर आते हैं तो यह छठवां मौका होगा जब बाघिन लाडली मां बनेगी। इससे पहले लाडली रणथम्भौर में पांच बार शावकों को जन्म दे चुकी है। गौरतलब है कि बाघिन लाडली रणथम्भौर की सबसे उम्रदराज बाघिनों में से एक है। वर्तमान में बाघिन लाडली की उम्र 15 साल से अधिक हो चुकी है। बाघिन का विचरण लगातार कुण्डाल वन क्षेत्र में बना हुआ है। ऐसे में बाघिन के इसी इलाके में शावकों को जन्म देने के आसार जताए जा रहे हैं।
इनका कहना है….
बाघिन की शारीरिक संरचना में बदलाव नजर आ रहा है। ऐसे में बाघिन के शावकों को जन्म देने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अब तक बाघिन के साथ शावक नजर नहीं आए हैं। बाघिन की मॉनिटरिंग व टे्रकिंग कराई जा रही है।
– एसएन सारस्वत, क्षेत्रीय वनाधिकारी, आरोपीटी, रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधेापुर