सरकारी विद्यालयों में भी बच्चों को निजी विद्यालयों जैसी सुविधा मिले, इसके लिए अब ग्रामीणों ने ही बीड़ा उठाया है।
डेकवा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षा कक्ष और अन्य सुविधाएं विकसित करने के लिए ग्रामीणों ने ही बजट का प्रबंध किया है। गणतंत्र दिवस पर डेकवा के राउमावि प्रांगण में गांव के पंच-पटेलों की बैठक हुई।
इसमें अधूरे पड़े विद्यालय भवन का निर्माण पूरा कराने के लिए ग्रामीणों ने फसलों की तूड़ी बेचकर मिलने वाली राशि विद्यालय प्रबंधन को देने की घोषणा की है।
प्रधानाचार्य ने बताया कि बैठक में सरसों, चना, उड़द की तूड़ी व अमरूद के बगीचे वाले तूड़ी के बराबर की राशि देंगे।
प्रधानाचार्य ने बताया कि इससे करीब 60 लाख रुपए से अधिक की राशि जमा होगी। इससे नवीन विद्यालय भवन की चारदीवारी, कमरे व अन्य सुविधाओं के निर्माण पर खर्च किया जाएगा।
दस लाख देने की घोषणा
सालों से प्रशासनिक अनदेखी का दंश झेल रहे खाटकलां गांव के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में कक्षा कक्ष की कमी को दूर करने के लिए अब ग्रामीण आगे आए हैं।
विद्यालय के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों के सामने लगाई गुहार बेनतीजा होने पर अब ग्रामीणों ने ही इसका बीड़ा उठाया है।
गणतंत्र दिवस समारोह के बाद हुई बैठक में ग्रामीणों ने विद्यालय में कक्षा कक्ष व चारदीवारी निर्माण के लिए दस लाख रुपए देने की घोषणा की है।
संस्था प्रधान रामराज मीणा ने बताया कि मुख्यमंत्री जन सहभागिता योजना के तहत 60 फीसदी राशि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे विद्यालय के बच्चों को बैठने की सुविधा मिल सकेगी।