
सवाईमाधोपुर। रणथम्भौर की फलौदी रेंज से रविवार सुबह करीब 11 बजे एक बाघ निकलकर जंगल से सटे हिन्दवाड़ गांव के समीप पहुंच गया। बाघ देखकर एक बार तो गांव में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। क्षेत्रीय वनाधिकारी विष्णु गुप्ता ने बताया कि हिन्दवाड़ गांव रणथम्भौर बाघ परियोजना के क्षेत्र में ही है और इस गांव को पूर्व में ही विस्थापित किया जा चुका है। हालांकि गांव में आज भी कुछ परिवार निवास कर रहे हैं। बाघ का मूवमेंट अब भी गांव के पास ही बना हुआ है। एहतियात के तौर पर वन विभाग की टीम बाघ के मूवमेंट की लगातार नजर बनाए हुए है।
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान फलौदी रेंज के उक्त वन क्षेत्र व आसपास के क्षेत्र में बाघ टी-58 यानी रॉकी का मूवमेंट रहता है। ऐसे में इस बाघ के टी-58 होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस इलाके के समीप खेतों के पास बाघ का मूवमेंट बना हुआ है। एहतियात के तौर पर ग्रामीणों से उस क्षेत्र में नहीं जाने का आह्वान किया गया है।
यह कोई पहला मौका नहीं है, जब रणथम्भौर बाघ परियोजना से बाहर निकलकर कोई बाघ या बाघिन आबादी क्षेत्र के नजदीक पहुंचा है। पूर्व में रणथभौर की खण्डार रेंज में बाघिन टी-60 का एक शावक जंगल से निकलकर फरिया गांव के एक आंगनबाड़ी केन्द्र के पास आ गया था। इसके बाद वन विभाग ने आंगनबाड़ी केन्द्र को खाली कराया था।
यह भी पढ़ें : रणथम्भौर में हुई इलाके को लेकर जंग, बाघिन एरोहैड घायल
हिन्दवाड़ गांव के समीप बाघ का मूवमेंट बना हुआ है। वन विभाग की टीम बाघ की ट्रेकिंग व मॉनिटरिंग कर रही है। बाघ के टी-58 होने की संभावना है।
विष्णु गुप्ता, क्षेत्रीय वनाधिकारी, फलौदी।
Published on:
07 Jul 2024 06:59 pm
बड़ी खबरें
View Allसवाई माधोपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
