
नई दिल्ली। 85 वर्ष की आयु में सोवियत अंतरिक्ष यात्री एलेक्सी लियोनोव का निधन हो गया। उन्होंने बीते दिन आखिरी सांस ली। साल 1965 में अंतरिक्ष में चहलकदमी करने वाले वह सबसे पहले व्यक्ति थे। वे मॉस्को के एक अस्पताल में एक लंबी बीमारी के चलते भर्ती थे। अंतरिक्ष यात्री होने के साथ-साथ लियोनोव एक लेखक और एक, कलाकार भी थे। उन्होंने ने अपनी अंतरिक्ष यात्रा के दौरान यान से बाहर निकलकर 16 फ़ीट लंबे केबल की मदद से अंतरिक्ष में करीब 12 मिनट तक चहलकदमी की थी। ये चहलकदमी अपने आप में एक रिकॉर्ड था।
बता दें कि लियोनोव के चहलकदमी करने के दौरान उनका स्पेससूट बुरी तरह से ख़राब हो चुका था। बता दें कि 12 मिनट की उस चहलकदमी के बाद लियोनोव को अंतरिक्ष यान में वापस जाने में बहुत दिक्कत हुई, लेकिन साहसी लियोनोव ने कैसे भी कर के अपनी जान और रूस की आन बचाई। अंतरिक्ष यात्रा से लौटने के बाद उन्होंने रूस की वायुसेना में भी सेवाएं दीं।
उन्हें देश के सर्वोच्च सम्मान 'हीरो ऑफ द सोवियत यूनियन' से दो बार सम्मानित भी किया गया था। ऐसा नहीं है कि लियोनोव यहीं रुके अमरीका और रूस के बीच की अनबन ख़त्म होने के बाद अमरीका-सोवियत रूस ने पहली बार संयुक्त रूप से एक मिशन पर काम किया। लियोनोव उस मिशन के कमांडर नियुक्त किए गए। उनके दुनिया से अलविदा कह जाने पर कई लोगों की प्रतिक्रिया आई है। राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है कि 'लियोनोव का साहस प्रेरणा देता है।'
Published on:
12 Oct 2019, 10:50 AM IST
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