ये है दुनिया की सबसे महंगी चीज, एक ग्राम की कीमत में खरीद लेंगे 100 देश

दुनिया में सबसे बेशकीमती चीज है एंटीमेटर यानी प्रति पदार्थ।

By: Vineet Singh

Published: 20 Jul 2018, 04:11 PM IST

नई दिल्ली: सोचिए दुनिया की सबसे महंगी चीज क्या हो सकती है। हीरा, सोना या प्लेटिमन को भूल ही जाइए क्योंकि इस महंगी चीज के आगे ये धूल बराबर है। इसे दुनिया का सबसे महंगा पदार्थ इसलिए कहा गया है क्योंकि इसके एक ग्राम की मात्रा को खरीदने में जितना पैसा चाहिए उतने पैसे में दुनिया के 100 छोटे छोटे देश आसानी से खरीदे जा सकते हैं।

चलिए आपकी दुविधा मिटाकर बता देते हैं कि दुनिया में सबसे महंगी चीज क्या है। दुनिया में सबसे बेशकीमती चीज है एंटीमेटर यानी प्रति पदार्थ। आपने कई अंग्रेजी फिल्मों में दुश्मन देश द्वारा किसी देश के एंटीमैटर को चुराने और उसकी सुरक्षा में सुरक्षा एजेंसियों के लगने की कहानी देखी होगी।

अंतरिक्ष यात्रा करने या दूसरे ग्रहों पर जाने आने के लिए अंतरिक्ष यान में जो ईंधन पड़ता है वो इसी एंटीमेटर से बनता है। अब आप सोच रहे होंगे कि इसमें ऐसा क्या मिलाते हैं जो अंतरिक्ष यानी दूसरे ग्रह तक पहुंच जाते हैं। चलिए आपको बताते है पूरा मामला।

एंटीमेटर यानी प्रतिपदार्थ पदार्थ का एक ऐसा प्रकार है जो प्रतिकणों जैसे पाजीट्रान, प्रति-प्रोटान, प्रति-न्युट्रान से मिलकर बनता है। ये प्रति-प्रोटान और प्रति- न्युट्रान प्रति क्वार्कों मे बने होते हैं। 1 ग्राम प्रतिपदार्थ की कीमत में दुनिया के 100 छोटे-छोटे देशों को आराम से खरीदा जा सकता है।

बाजार में 1 ग्राम प्रतिपदार्थ की कीमत 31 लाख 25 हजार करोड़ रुपये है। नासा खुद इस बात की पुष्टि कर चुका है कि एंटीमैटर यानी प्रतिपदार्थ धरती का सबसे महंगा मैटीरियल बन चुका है। आपको जानकर अचंभा होगा कि 1 मिलिग्राम प्रतिपदार्थ बनाने में 160 करोड़ रुपये तक लग जाते हैं।

जिस स्थान पर इसका उत्पादन किया जाता है वहां विश्व की सबसे अच्छी और पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था रखी जाती है। इतना ही नहीं नासा को इस चीज की हमेशा जरूरत रहती है और नासा के पास इसकी मात्रा कम होने के बावजूद जहां इसे रखा जाता वहां अमेरिका की सबसे बेहतरीन सुरक्षा एजेंसी लगी रहती है।

वैज्ञानिकों का मानना है पृथ्वी पर धरती की बात की जाए तो एंटीमैटर किसी काम का नहीं लेकिन अंतरिक्ष से जुड़े किसी भी काम के लिए एंटीमैटर बहुत बेशकीमती है। अंतरिक्ष में Black Hole द्वारा तारों को दो हिस्सों में चीरने की घटना में एंटीमैटर उत्पन्न होता है। होगा। धऱती पर इसे बनाने में तब कामयाबी मिली जब सर्न की प्रयोगशाला में इसका उत्पादन करने में सफलता मिली। मालूम हो इस लैब में ही गॉड पार्टिकल को ढूंढ़ने की बात सामने आई थी। बहरहाल एंटीमैटर किसी भी लिहाज से धरती और अंतरिक्ष के लिए इतना बेशकीमती है कि कोई भी इसे पाने के लिए हर संभव रकम देने को तैयार हो जाएगा।

Vineet Singh
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