RISAT-2B लॉन्च : जानिए क्या हैं इस सैटेलाइट की खास बातें

  • लोकेशन की 3D इमेज कैप्चर करने में सक्षम
  • समुंद्र मार्ग पर भी रखी जा सकेगी नजर
  • खराब मौसम में भी काम करेगी सैटेलाइट

By: Deepika Sharma

Published: 22 May 2019, 05:22 PM IST

नई दिल्ली। आज सुबह ही भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने आंध्र प्रदेश से रडार इमेजिंग अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट यानी RISAT-2B को सफलतापूर्वक लॉन्च किया है। इस सैटेलाइट को श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया गया है। जो अंतरिक्ष में कई तरह से काम करेगा। यह पहला ऐसा सैटेलाइट है जो धरती के किसी भी कोने की क्लियर फुटेज ले सकता है। इतना ही नहीं यह विशाल समुद्री ऐरिया में छुपे टैरेरिस्टो का पता लगाने में सक्षम है। आइए जानें इस सैटेलाइन की खास बातें...

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सैटेलाइट Risat 2b

- राडार इमेजिंग सैटेलाइट Risat 2b रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट है।
- इसमें एक्टिव रीमोट सेंसर इंस्टॉल किया गया है, जो किसी भी मौसम को कैप्चर करके स्कैन कर सकता है। बारिश ( rain ) या दिन रात का इस पर कोई फर्क नहीं पड़ता।
- इसमें राडार का इस्तेमाल किया जाता है।
- यह देश के किसी भी कोने की तस्वीरें ले सकता है।
- अन्य सैटेलाइट से ली गई तस्वीर उतनी क्लियर नहीं होती, जितनी विश्लेषण करने के लिए चाहिए होती है। यह अपनी माइक्रोवेव तरंगों से 3D इमेज लेता है।
-इसमें Synthetic Upper Joseph का इस्तेमाल किया गया है।
- इसमें जो सैटेलाइट इस्तेमाल कि जा रही है वो 615 किलो ग्राम की है।
- पीएसएलवी 46 के माध्यम से इसे लॉन्च किया गया।
- इसमें कोर एलोन वेरिएंट का इस्तेमाल का किया गया है।
- इसको 557 किलोमीटर की एटीट्यूड पर ओरबीट करने के लिए छोड़ा गया है। जो चौबीस सौ घंटे साफ तस्वीरें दे पाएगा।
- इसके माध्यम से दुश्मनों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सकेगी।
- इसकी मदद से टैरेरिस्ट अटैक रोकने में भी मदद मिलेगी।
- इसके मायम से खासकर समुद्री मार्ग से आने वाले टैरेरिस्टों पर नजर रखी जा सकेगी।
- इससे पहले भारत के पास क्लीयर इमेजिंग सैटेलाइटस नहीं था, जो क्लाउड और फॉग होने के बाद भी लोकेशन की इमेंज दे सके।

Deepika Sharma
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