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मौत क्या होती है? इंसानों की क्यों होती है मौत? इसका जवाब है विज्ञान के पास

विज्ञान मौत और उसकी प्रक्रिया के बारे में देता है जानकारी इंसान क्यों मरता है इसका जवाब विज्ञान के पास है
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नई दिल्ली

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Priya Singh

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Updated: 26 Nov 2019, 2:58 PM IST

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नई दिल्ली। जब इंसान की उम्र 30 से 35 के बीच पहुंचती है तो उसे अपने शरीर में कुछ गड़बड़ नज़र आने लगती है। डॉक्टरों के मुताबिक, हर दस साल पर इंसान के शरीर में हड्डियों का द्रव्यमान घटता है। 40 से 80 साल की उम्र में इंसान के शरीर की 40 फीसदी मांसपेशियां गल जाती हैं।

विज्ञान बताता है कि ज़िंदा इंसान की कोशिकाएं हर समय अलग होती हैं जो फिर नई कोशिकाओं में तब्दील हो जाती हैं। शरीर में इसी क्रिया की वजह से विकास होता है। लेकिन उम्र जैसे-जैसे बढ़ती है वैसे-वैसे कोशिकाएं ये क्रिया करना बंद कर देती हैं। 40 फीसदी मांसपेशियां को खोने के बाद जो मांसपेशियां बचती हैं वो भी कमजोर होती जाती हैं। उम्र के साथ-साथ शरीर की लचक भी कम होती चली जाती है। शरीर के अंदर इन सभी बदलाओं की वजह से इंसानों का डीएनए भी बिगड़ने लगता है। डीएनए में हो रही इसी गड़बड़ी की वजह से कैंसर जैसी बीमारी को शरीर न्योता देने लगता है। ऐसा होने पर रोग प्रतिरोधी तंत्र भी खराब होने लगता है।

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गौरतलब है कि, इंसानी शरीर बिलकुल एक मशीन की तरह काम करता है और मौत उस मशीन के बंद होने की आखिरी प्रक्रिया है। आइए जानते हैं इंसान मरता क्यों है और इसकी प्रक्रिया क्या है?

1- मौत आने पर सबसे पहले शरीर काबू में नहीं रहता।

2- दिमाग काम करना बंद करने लगता है जिसके बाद इंसान सांस लेना बंद कर देता है।

3- सांस बंद होने के कुछ समय बाद दिल भी काम करना बंद कर देता है।

4- धड़कन के बंद होने के करीब 4 से 6 मिनट बाद दिमाग ऑक्सीजन न मिलने पर छटपटाने लगता है।

5- ऑक्सीजन के आभाव से मस्तिष्क की कोशिकाएं मरने लगती हैं।

6- और मरते शख्स के शरीर में जब ये प्रकिया होने लगे तो मेडिकल साइंस की ज़ुबान में इसे प्वाइंट ऑफ नो रिटर्न या नेचुरल डेथ कहते हैं।

7- मौत के बाद हर घंटे शरीर का तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस गिरने लगता है।

8- शरीर में मौजूद खून कुछ जगहों पर जमने लगता है और शरीर अकड़ जाता है।

9- मौत के 24 घंटे तक शरीर में कुछ ज़िंदा रहता है तो वह होती है त्वचा की कोशिकाएं और आंत में मौजूद बैक्टीरिया।

10- वैज्ञानिकों के मुताबिक, शरीर को स्वस्थ रखकर इसके खतरे को लंबे समय तक टाला जा सकता है। अच्छा खना, अच्छी नींद, पर्याप्त पानी पीना, व्यायाम शरीर को लंबे समय तक चलाने में काम आ सकता है।