मिटा देंगे दुश्मन को, सैना का शौर्य देखकर दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर हो गए देशवासी

मिटा देंगे दुश्मन को, सैना का शौर्य देखकर दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर हो गए देशवासी

asif siddiqui | Publish: Mar, 14 2018 03:53:03 PM (IST) Sehore, Madhya Pradesh, India

जब आसमान से पैराशूट उतरा तो नजारा देख हर कोई रह गया हतप्रभ, सेना की एकता, आत्मविश्वास बढ़ाने चला रहे अभियान।

सीहोर/आष्टा। देश में किसी भी घूसपैठ को रोकने के लिए हमारे सैनिक भी हद तक जा सकते हैं। दुश्मनों को उनके घर में घुसकर मारने का हौंसला रखने वाले हमारे सैनिकों की बहादुरी देखकर देशवासी दांतों तले उंगली दबा लेंगे। ऐसा ही नजारा सीहोर में देखने को मिला यहां जब आसमान में उडऩे वाले पैराशूट को जब नीचे उतरता देखा तो हर कोई अचंभित हो गया। इसकी जानकारी कुछ देर में पूरे शहर में आग की तरह फैल गई और सुभाष ग्राउंड पर देखते ही देखते लोगों की भीड़ जमा हो गई। कोई मोबाइल से इसका वीडियो बना रहा था तो कोई फोटो ले रहा था। यह दृश्य मंगलवार को देखने को मिला।

पैराशूट रेजिमेंट ने मनाया 75वां स्थापना दिवस
सेना की 9 पैराशूट फिल्ड रेजिमेंट अपनी स्थापना के 75 साल पूरे होने के अवसर पर पैरामोटर अभियान का आयोजन कर रहा है। इसकी शुरूआत कुंभ गांव पुणे (महाराष्ट्र ) से हुई है। इस अभियान को ब्रेडियर रिटायर्ड के सत्यपति ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। अभियान में 9 पैराशूट के पायलेट द्वारा साहसिक कार्य किया जा रहा है। यह सेना की फायज विंग द्वारा संचालित की जाती है।

आकाश में करेगा 1453 किमी दूरी तय
सेना का यह पैरामोटर अभियान 1453 किमी की दूरी आकाश मार्ग से तय करेगा। यह 20 मार्च को आगरा में पहुंचेगा। जहां इसका समापन होगा। इससे पूर्व पैराशूट का पड़ाव मंगलवार को आष्टा शहर में हुआ। जैसी पैरासूट आसमान से नीचे उतरा तो इसे देखने वालों की सुभाष मैदान पर भीड़ टूट पड़ी। आसमान में दिखने वाले इस पैराशूट को नजदीक और जमीन पर देखने हर कोई आतुर था। बुधवार को सुबह 8 बजे यह आगे के लिए रवाना होगा। आष्टा के बाद भोपाल, झांसी, ग्वालियर से होते हुए आगरा पहुंचेगा।

जवानों की एकता
यह साहसी अभियान सेना के जवानों की एकता, आत्मविश्वास को प्रदर्शित करता है। साथ ही इस देश की युवा शक्ति को प्रेरणा प्रदान करता है। इस अभियान में सेना के पूर्व तीन अधिकारी व 20 जवान शामिल हैं। इनका नेतृत्व 9 पैराशूट फील्ड रेजिमेंट के मेजर राहुल शर्मा कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में सभी काम किए जा रहे हैं। शर्मा ने बताया कि इस अभियान का मु य उद्देश्य भी जवानों की एकता के लिए ही है। अभी तक जहां पर भी रूके, वहां पर कई जानकारी भी प्रदान की गई। वहीं इसकी प्रक्रिया से अवगत कराया गया।

ऊपर पैराशूट, नीचे मिलेट्री वाहन
आसमान पर पैराशूट उड़ रहा है तो उसकी निगरानी करते हुए नीचे सड़क पर मिलट्री वाहन में सवार होकर सेना अधिकारी आदि भी चल रहे हैं। खास बात यह है कि काफिले के साथ एंबुलेंस भी चल रही है। जिससे कि कहीं पर कुछ हो जाए तो तुरंत इलाज किया जा सकें। अफसर इस पैराशूट पर पूरी निगाह बनाएं हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि निगरानी के दौरान पता किया जाता है कि पैराशूट किस दिशा में और कहां पर चल रहा है। जिससे कि आगे बढऩे में किसी तरह की परेशानी नहीं हो।

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