
सीहोर। विवाहिता को केरोसीन का तेल डालकर जिंदा जलाने वाले पति और जेठ को जिला अदालत से आजीवन कारावास और दो हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई। यह फैसला सत्र न्यायाधीश रिषभ कुमार सिंघई ने सुनाया।
अभियोजन की ओर लोक अभियोजक ओमप्रकाश मिश्रा ने पैरवी करते हुए बताया कि ग्राम इछावर सतपीपलिया निवासी रचना बाई को 1 सितंबर 2017 को उसके पति शिवचरण और उसके जेठ हरिसिंह पिता नर्बदसिंह ने मारपीट की थी। इसके बाद पति शिवचरण ने मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी था, जिससे रचना बाई का 90 प्रतिशत जलने पर उसे गंभीर अवस्था में इछावर अस्पताल से हमीदिया अस्पताल भोपाल में रेफर किया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
विवाहिता रचना बाई ने इछावर थाने में देहाती नलासी के दौरान और मृत्यु पूर्व नायब तहसीलदार को दिए गए बयान में इस बात का उल्लेख किया था कि 31 अगस्त 2017 को जब उसके पति और जेठ घर पर नहीं थी तो देवर अखिलेश ने उसके साथ अश्लील हरकत करते हुए छेड़छाड़ की गई थी।
यह बात दूसरे दिन उसने अपने पति शिवचरण को बताई जिस पर मेरे पति ने अपने बड़े भाई हरिसिंह को बुलाकर कहा कि देखो मेरी पत्नी हमारे छोटे भाई अखिलेश को बदनाम कर रही है। इसके बाद दोनों ने एक राय होकर मारपीट करने के बाद केरोसीन का तेल डालकर आग लगा दी।
इछावर पुलिस ने रचना बाई की मौत पर मर्ग कायम कर मामले को सत्र न्यायालय में पेश किया। जहां सत्र न्यायाधीश रिषभ कुमार सिंघई ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 28 पृष्ठीय निर्णय में पति और जेठ को दोष सिद्ध पाते हुए पति शिवचरण और जेठ दोनों को भादवि की धारा 302 में आजीवन कारावास और दो-दो हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। इस मामले में अभियोजन की ओर 14 गवाह और बचाव पक्ष की ओर से तीन गवाह पेश किए गए।
Published on:
29 Apr 2018, 2:32 PM IST
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