1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

नंहे बालक ने भी सफाई में दिया योगदान

11 छात्राओं के दल ने बगलई व कोहका के ग्रामीणों को दिया स्वच्छता संदेश, नुक्कड़ नाटक व नृत्य के माध्यम से बताया स्वच्छता के फायदे, 'डस्टबिन में कचरा डालेÓ संदेश के साथ निकाली रैली
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

सिवनी

•

image

Akhilesh Kumar

•

Updated: 5 Aug 2018, 7:15 AM IST

swachchh bharat abhiyan seoni

नंहे बालक ने भी सफाई में दिया योगदान

सिवनी. स्वच्छ भारत समर इंटरशिप-2018 के तहत नेताजी सुबाषचंद्र बोस शासकीय कन्या महाविद्यालय सिवनी की एनएसएस छात्राएं केवलारी में प्रवास के दौरान लोगों को स्वच्छता का संदेश दे रही है। छात्राओं ने एनएसएस आफिसर डॉ. अर्चना चंदेल की निगरानी में 'डस्टबिन में कचरा डालोंÓ संदेश के साथ रैली निकाली। रैली में प्राथमिक व हाइस्कूल के विद्यार्थियों ने शिरकत किया। रैली में शामिल छात्राओं के हाथ में स्वच्छता संदेश लिखी दफ्तियां थी।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय व उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश पर स्वच्छ भारत समर इंटरशिप-२०१८ के तहत कन्या महाविद्यालय के ११ एनएसएस छात्राओं का दल बगलई व कोहका में २० से ३० जुलाई तक प्रवास कर १०० घंटे की कार्ययोजना में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को स्वच्छता का संदेश दिया। इसके अलावा छात्राओं ने चारगांव, अहिरवाड़ा व केवलारी में श्रमदान कर सफाई की। इस दौरान खैरमाई, जैन मंदिर, गल्ला बाजार, चांदनी चौक आदि की सफाई की गई। ग्राम के दीवारों पर स्वच्छता संदेश लिखे गए। रैली में बगलई व कोहका के प्राथमिक व हाइस्कूल के विद्यार्थियों ने शिरकत किया। गायत्री शक्तिपीठ एसडीएम व तहसीलदार का सहयोग रहा। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने ग्राम बगलई व कोहका में सफाई को लेकर सरपंच के सहयोग से निगरानी समिति बनाई गई। बाहर शौच करने जाने वाले को समझाइश दी गई। छात्राओं के दल ने नुक्कड़ नाटक से लोगों को जागरुक किया। दल में शामिल छात्रा प्रेमलता तिलवंत, भारती सराठे, खुश्बू, कल्पना बघेल ने नृत्य के माध्यम से स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरुक किया। उनके कार्यों की सराहना की गई। डॉ. चंदेल ने बताया कि २० से ३० जुलाई तक चले १०० घंटे की कार्ययोजना के दौैरान विभिन्न जागरुकता कार्यक्रम छात्राओं के दल ने किया है। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। शासन की मंशा है कि इस योजना से छात्राएं आत्मनिर्भर बन सके। हमारा कार्य केवल निगरानी करना था। दल का नेतृत्व आकांक्षा कुल्हाड़े कर रही थी।