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जब बच्चों ने एक स्वर में पढ़ी रामायण….

शहर में आयोजित एक कार्यक्रम में ये हुआ
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सिवनी

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Sunil Vandewar

•

Updated: 7 Oct 2017, 12:17 PM IST

When the children read in one voice Ramayana

सिवनी. श्रीरामचरित मानस रामायण की चौपाई, श्लोक, सोरठा, दोहा का पाठ करना अच्छे-अच्छों के लिए आसान नहीं है। यही काम जब बच्चे फर्राटे से एक स्वर में करें। तो इस पर हैरान होना लाजिमी है। ये हुआ है शहर में आयोजित एक कार्यक्रम में।
बाल्मिकी जयंती के उपलक्ष्य में संस्कृत भारती द्वारा नगर के कटंगी रोड ड्रीमलैण्ड सिटी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ. केके चतुर्वेदी ने कहा कि आदि गुरू बाल्मिकी व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचार धारा थे। जिन्होंने रामायण की कल्पना को अपने लेखन के माध्यम से साकार रूप दिया। उन्होंने रामायण के माध्यम से भगवान श्रीराम को जन-जन के राम के रूप में घर-घर में स्थान दिलाया। पहले कवि के रूप में उन्होंने समाज को नई दिशा दी। जिसके कारण उन्हें लोग सम्मान के साथ ऋ षि का दर्जा देते हंै।
इस अवसर पर वक्ताओं ने जैन संत आचार्य विद्यासागर महाराज के जीवन पर भी प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के दौरान आरएसएस के जिला प्रमुख राजा भैया ने कहा भारत में संस्कृत भाषा सबसे प्राचीन भाषा है और इस भाषा के प्रथम कवि के रूप में बाल्मिकी को स्थान दिया गया है। उन्होंने रामायण की रचना के एक अद्वितीय इतिहास से जनमानस को अवगत कराया। इसी तरह तारचंद मिश्रा ने भी रामायण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से अपनी बात रखी।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने एक साथ रामायण का वाचन किया। कार्यक्रम के दौरान सभी बच्चों ने रामायण के विभिन्न कांडों के सम्बंध में भी अपनी बात रखी। छात्रों ने इस अवसर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले रामायण से संबंधित सभी प्रश्नों का बड़ी सहजता से जबाव दिया।
वक्ताओं ने कहा कि आज घर-घर में रामायण की आवष्यकता है, जीवन की मोह माया में आदमी अपने धर्म एवं संस्कृति से भटक रहा है। इसलिए रामायण से जुडऩा प्रत्येक की जिम्मेदारी होगी, जैसे भोजन जरूरी है वैसे ही धर्म एवं संस्कृति भी। शाला के छात्र नमन सनोडिय़ा, अर्जुन सिंह पायक, कृष्णा गहलोद, प्रियांशु पंचेश्वर, अथर्व, आराध्य सहित अन्य छात्रों ने अपने विचार रखे।
इस अवसर पर संस्कृत भारती के जिला संयोजक अखिलेश श्रीवास्तव, ताराचंद्र मिश्रा, आरएसएस के प्रमुख राजा भैया, दुर्गा शंकर श्रीवास्तव, डॉ. आरके चतुर्वेदी, अजय चतुर्वेदी, रंजीता पांण्डा, बबीता पायक, दिव्या कंचनवार, राशि गौतम, मोनिका शर्मा, मोनिका दुबे, सुजाता कहार, पायल अग्रवाल, प्राची शुक्ला, पायल चौरसिया, रितु बघेल, दीपा दिक्षित, सुमन पाठक, मनोज बंशपाल, दीपेन्द्र शुक्ला, हेमन्त पंचेश्वर, टेकचंद सनोडिया, क्षितिज ठाकुर, प्रदीप शर्मा, मनीष मिश्रा, जितेष गडकरी, निलेश कुशवाहा, हरिओम वर्मा, श्याम बघेल, सत्यप्रकाश द्विवेदी, उमेश बरमैया, राजेश डेहरिया, सतीश विश्वकर्मा, संतोष तिवारी, धर्मेन्द्र , नरेश, पुरूषोत्तम, सुखलाल, राजू, अजय, आजाद, सुमन, दयावती, आदि की उपस्थिति रही।