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मध्यप्रदेश में यहां है वेंटीलेटर पर हेल्थ सिस्टम

विशेषज्ञों का टोटा, 41 में सिर्फ दो की तैनाती, डॉक्टर्स की है कमी, लेकिन कोई नहीं सुनने वाला, पढि़ए विश्व स्वास्थ्य दिवस पर विशेष
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शहडोल

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Akhilesh Shukla

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Updated: 7 Apr 2018, 12:03 PM IST

Here in Madhyapradesh, bad situation on health system

शहडोल- बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की दिशा में भले ही तमाम प्रयास किए जा रहे हों लेकिन मैदानी हकीकत एकदम विपरीत है। आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं की भयावह हकीकत है। शहडोल में सरकार ने सुविधाओं के नाम पर मेडिकल कॉलेज से लेकर संभागीय अस्पताल बना रखा है लेकिन विशेषज्ञ और डॉक्टर्स न होने के चलते स्वास्थ्य सुविधाएं लडख़ड़ाई हुई है।

स्थिति यह है कि आज भी मरीजों को बेहतर इलाज के लिए जबलपुर और नागपुर का सफर करना पड़ता है। उधर विशेषज्ञ न होने से हर दिन दो दर्जन से ज्यादा मरीजों को शहडोल से रेफर किया जा रहा है। ऐसा भी नहीं है कि हाइकमान को इसकी जानकारी न हो।

बावजूद कई सालों से डॉक्टरों की कमी को लेकर कोई प्रभावी प्रयास नहीं किए गए। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो शहडोल में विशेषज्ञों के ४१ पद स्वीकृत हैं लेकिन सिर्फ दो विशेषज्ञ ही पदस्थ हैं, जबकि 39 पद रिक्त हैं। यह समस्या एक दो साल नहीं बल्कि कई दशकों से बनी हुई है।

जिला अस्पताल के भी यही हालात
जिला अस्पताल में अलग-अलग रोगों के स्पेशलिस्ट के लिए 30 पद स्वीकृत हैं लेकिन सिर्फ 6 पदस्थ हैं। 24 पद रिक्त हैं। इसी तरह मेडिकल ऑफिसरों की भी यही स्थिति है। जिला अस्पताल में 15 पद स्वीकृत हैं, जिसमें 23 पदस्थ हैं।

74 में सिर्फ 25 मेडिकल ऑफीसर
स्पेशलिस्ट की भारी कमी के अलावा मेडिकल आॅिफसरों की भी बेहद कमी है। आंकड़ों के अनुसार जिले में मेडिकल ऑफिसरों के लिए 74 पद स्वीकृत हैं। इसमें 25 मेडिकल ऑफिसर ही पदस्थ हैं। कई अस्पतालों में तो एक भी मेडिकल ऑफिसर नहीं हैं। ग्रामीण अंचलों के अस्पतालों में डॉक्टर न होने की वजह से मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और इलाज के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है।

4 लाख से ज्यादा महिलाओं पर दो स्पेशलिस्ट
जिले में महिला रोग स्पेशलिस्ट की बेहद कमी है। चार लाख से ज्यादा महिलाओं पर सिर्फ दो ही स्पेशलिस्ट पदस्थ हैं। इस स्थिति में अन्य रोग विशेषज्ञों के माध्यम से ही महिलाओं को मजबूरन इलाज कराना पड़ता है।

स्पेशलिस्ट की स्थिति
- ब्यौहारी ब्लॉक के 14 पद स्वीकृत हैं लेकिन 13 पद रिक्त हैं
- जयसिंहनगर ब्लॉक के ९ पद स्वीकृत हैं सभी ९ पद रिक्त हैं
- गोहपारू ब्लॉक के ४ पद स्वीकृत हैं सभी ४ पद रिक्त हैं
- बुढ़ार ब्लॉक के १० पद स्वीकृत हैं लेकिन ९ पद रिक्त हैं
- सिंहपुर ब्लॉक के ४ पद स्वीकृत हैं सभी ४ पद रिक्त हैं

मेडिकल ऑफिसरों की स्थिति
- ब्यौहारी ब्लॉक के 18 पद स्वीकृत हैं लेकिन 10 पद रिक्त है
- जयसिंहनगर ब्लॉक के 12 पद स्वीकृत हैं लेकिन 9 पद रिक्त है
- गोहपारू ब्लॉक के 5 पद स्वीकृत हैं लेकिन 1 पद रिक्त है
- बुढ़ार ब्लॉक के 15 पद स्वीकृत हैं लेकिन 8 पद रिक्त हैं
- सिंहपुर ब्लॉक के 9 पद स्वीकृत हैं लेकिन ३ पद रिक्त है

पीएस हेल्थ और शासन को लिखा है पत्र
शहडोल कमिश्नर रजनीश श्रीवास्तव के मुताबिक शहडोल में स्पेशलिस्ट और डॉक्टरों की बेहद कमी है। इसके लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। हाल ही में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और शासन को पत्र लिखा है। जल्द इस दिशा में पहल की जाएगी। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर सुविधाएं ली जा रही हैं।