जिला प्रशासन की बेरुखी से सर्दी का सितम झेलने को मजबूर बेसहारा

सरकार ने गरीबों को कंबल वितरण के लिए एक पखवाड़ा पहले 25 लाख रूपए भेज दिए लेकिन अभी तक कंबल खरीदे नहीं गए हैं।

By: अमित शर्मा

Published: 04 Jan 2018, 06:26 PM IST

शाहजहांपुर। पहाड़ों पर हो रही लगातार बर्फबारी ने मैदानी इलाकों में शीत लहर पैदा कर दी है जिसकी वजह से तापमान में लगातार गिरावट जारी है। शाहजहांपुर भी इसी शीत लहर की मार झेल रहा है। तेजी से बढ़ रही सर्दी के कारण जनजीवन अस्त व्यवस्त हो गया है। सड़कें सुनसान हो गई हैं ऐसे में फुटपाट पर रहने वाले लोगों का बेहद बुरा हाल है। वहीं जिला प्रशासन दाबे तो बड़े बड़े कर रहा है लेकिन सड़कों पर रह रहे गरीबों की बद्तर हालत साफ दिखाई दे रही है। आपको बता दें कि सरकार ने गरीबों को कंबल वितरण के लिए एक पखवाड़ा पहले 25 लाख रूपए भेज दिए गए लेकिन ठण्ड से बेपरवाह जिला प्रशासन आज तक गरीबों को कंबल मुहैया कराने के लिए कंबलों की खरीददारी नहीं कर सका है।

Winter

आग से अपनी हाड़ कंपाती सर्दी को दूर करने की कोशिश कर रहे ये वो लोेग हैं जिनके सिर पर छत नहीं और ये खुले आसमान में अपनी जिन्दगी गुजारने को मजबूर हैं। आज ये आग भी इनका साथ नहीं दे पा रही है। ये नजारा शाहजहांपुर का है जहां लगातार तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। सर्दी से सबसे ज्यादा बुरा हाल उन लोगों का है जिनके सिर पर छत नहीं है जो खुले आसमान के नीचे गुजर बसर करने को मजबूर हैं। रात होते ही कोहरा पूरे शहर को अपनी चपेट में ले लेता है। खुले आसमान के नीचे जिन्दगी गुजार रहे लोगों को जहां भी आग का धुंआ दिखाई देता है वहीं वो अपनी हाड़ कंपाने वाली सर्दी को दूर करने की नाकाम कोशिश करते हैं। जिला प्रशासन गरीबों के अलाव लगाने के लिए लकड़ी उपलब्ध कराने की बात तो करता है लेकिन यहां लोग कूड़ा और पूराने कपड़े जलाकर आग जलाकर ठन्ड दूरे करने की कोशिश करते जगह जगह पर नजर आ जायेंगे। सड़कों पर गुजारा करने वालों की मानें तो जिला प्रशासन की मदद के नाम पर उन्हें अभी तक कुछ भी हासिल नहीं हुआ।

हाड़ कंपाने वाली इस सर्दी ने आम लागों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है लेकिन सड़कों के किनारे गुजर बसर करने वाले लोगों के लिये ठन्ड मुसीबत बन चुकी है क्योंकि इनके पास न जलाने के लिय लकड़ी है और न ही बदन को गर्म रखने के मुकम्मल इन्तजाम। बस इन्हें इन्तजार है दूसरों की मदद का है। जिला प्रशासन की मानें तो 32 लाख की आबादी वाले जिले के लिए सरकारी मदद के नाम पर कम्बल खरीद के लिए 25 लाख की धनराशि और अलाव के लिए ढाई लाख की धनराशि जल्द ही खर्च की जायेगी।

Show More
अमित शर्मा
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned