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आज से शुरू हो रहा इनका नववर्ष, खुल कर करेंगे स्वागत

मंगलवार को मोहर्रम का चांद दिखने के साथ ही इस्लामी नववर्ष हिजरी १४४० प्रारंभ हो गया। इमाम हुसैन की याद याद में मनाए जाने वाले दस दिनी मोहर्रम की बुधवार से शुरुआत हो जाएगी।
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शाजापुर

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Lalit Saxena

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Updated: 12 Sep 2018, 7:00 AM IST

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मंगलवार को मोहर्रम का चांद दिखने के साथ ही इस्लामी नववर्ष हिजरी १४४० प्रारंभ हो गया। इमाम हुसैन की याद याद में मनाए जाने वाले दस दिनी मोहर्रम की बुधवार से शुरुआत हो जाएगी।

शाजापुर. मंगलवार को मोहर्रम का चांद दिखने के साथ ही इस्लामी नववर्ष हिजरी १४४० प्रारंभ हो गया। नया साल शुरू होने के साथ ही इमाम हुसैन की याद याद में मनाए जाने वाले दस दिनी मोहर्रम की बुधवार से शुरुआत हो जाएगी। उधर बोहरा समाज का मोहर्रम भी शुरू हो गया है। मोहर्रम कमेटी सरपरस्त बाबू खान खरखरे ने बताया शहर में १० दिनी मोहर्रम मनाया जाता है। इसके अंतर्गत एशिया के सबसे बड़े दुलदुल (बड़े साहब) को भी छोटे चौक में बुधवार को मुकाम दिया जाएगा। इसके लिए मंच तैयार किया जा रहा है। मुस्लिम समाज ने तैयारियां कर ली हैं। नगर के मुगलपुरा, जुगनवाड़ी, मोमनवाड़ी, पायगा, दायरा, चौबदारवाड़ी, करदीपुरा, मनिहारवाड़ी, मगरिया, लालपुरा, छोटा चौक, पिंजारवाड़ी, आदि क्षेत्रों में दुलदुल और बुर्राक के इमामबाड़े सजाए जाएंगे। चांद दिखने के बाद मंगलवार रात इमामबाड़ों पर ढोल-नगाड़ों के साथ चौकी धुलाई गई।
सबसे बड़े दुलदुल की स्थापना आज: एशिया के सबसे बड़े दुलदुल बड़े साहब को बुधवार को शाम ५.३० बजे के छोटा चौके में स्थापित किया जाएगा। बड़े साहब को उठाने के लिए सौ से अधिक लोगों को लगना पड़ता है। तंग गलियों में अपने मुकाम से छोटा चौक में बड़े साहब को लाने दृश्य देखने के लिए सैकड़ों लोग आज चौक बाजार पहुंचेंगे।
सज गईं रेवड़ी की दुकानें
चांद दिखने के पूर्व ही शहर के छोटा चौक में रेवडिय़ों की दुकानें सज गईं। मंगलवार को शहर के तमाम इमामबाड़ों में दुलदुल की चौकी धुलाई गई और रेवडिय़ां बाटीं गईं।
शुजालपुर. जटाशंकर मार्ग पर स्थित नाले पर बनी पुलिया की हालत अच्छी नहीं होने के चलते इस पर से भारी वाहनों के प्रवेश पर लोक निर्माण विभाग ने रोक लगा दी थी। क्षतिग्रस्त पुलिया के अलावा जटाशंकर सहित फिल्टर प्लांट, पीएचइ कॉलोनी व स्कॉलर्स स्कूल की ओर जाने के लिए कोई और मार्ग नहीं होने के कारण परेशानी निर्मित हो गई थी और स्कूली बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था का सवाल खड़ा हो गया था। बच्चों को प्रतिदिन पैदल निकाला जा रहा था। इसी परेशानी को लेकर स्कूली बच्चों के पालकों ने एतराज जताया और स्कूल प्रबंधन के साथ लोनिवि अधिकारी से चर्चा की। मंगलवार को पालकों के साथ संस्था प्रमुख सत्यजीत देशमुख एवं प्राचार्य गीता देशमुख व लोक निर्माण विभाग एसडीओ बीके सूत्रकार की बैठक हुई। बच्चों की परेशानी को देखते हुए सूत्रकार ने कहा जब तक मार्ग पर नए पुल का निर्माण कार्य नहीं हो जाता तब तक इस मार्ग पर नाले को पार करने के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाया जाएगा। जिसकी चौड़ाई 20 फीट रहेगी। एसडीओ ने कहा पुलिया पर से हल्के वाहन जैसे ऑटो, टैम्पो एवं मैजिक गाडिय़ां निकाली जा सकती है। अधिकारी ने तीन दिनी में वैकल्पिक मार्ग का कार्य किए जाने का आश्वासन दिया।