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ये दो त्योहार पेश करेंगे सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल

इस बार गणेशोत्सव व मोहर्रम साथ आ रहे हैं। एेसा ३६ साल बाद हो रहा है। एेसे में एक तरफ जहां विघ्नहर्ता गणेशजी की स्थापना होगी
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शाजापुर

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Lalit Saxena

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Updated: 9 Sep 2018, 9:00 AM IST

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इस बार गणेशोत्सव व मोहर्रम साथ आ रहे हैं। एेसा ३६ साल बाद हो रहा है। एेसे में एक तरफ जहां विघ्नहर्ता गणेशजी की स्थापना होगी

शाजापुर. इस बार गणेशोत्सव व मोहर्रम साथ आ रहे हैं। एेसा ३६ साल बाद हो रहा है। एेसे में एक तरफ जहां विघ्नहर्ता गणेशजी की स्थापना होगी, वहीं दूसरी और दुलदुल बुर्राक के जुलूस निकाले जाएंगे। दोनों पर्व शांति, सद्भाव और एकता के साथ मनें, इसके लिए पुलिस ने भी रूपरेखा बनाना शुरू कर दिया है। कलेक्टर श्रीकांत बनोठ ने आगामी आदेश तक जिले में धारा १४४ लागू की है।
१० दिनी गणेशोत्सव की शुरुआत १३ सितंबर को होगी तो मोहर्रम की १२ सितंबर को। २० सितंबर को डोल ग्यारस के जुलूस निकाले जाएंगे तो इसी दिन मोहर्रम की ९ तारीख को नाल साहब की सवारी निकलेगी। इस दौरान खास बात यह रहेगी कि चौक बाजार में हिंदू उत्सव समिति गणेश प्रतिमा करेगी तो चौक बाजार में ही मोहर्रम जुलूस दुलदुल के साथ पहुंचेंगे।
एक ही मंच से हुआ था संचालन
२०१२ से २०१५ तक कंस दशमी व मोहर्रम साथ आए थे। तब दोनों ही समुदाय के लोगों ने एकता का परिचय देते हुए पर्व को सद्भावना के साथ मनाया था। चौक बाजार बड़े साहब का इमामबाड़ा तैयार होने के बाद कंस वधोत्सव समिति ने चल समारोह का मार्ग पर बदलकर दूसरे मार्ग से जुलूस आजाद चौक पहुंचा था। यहां मोहर्रम कमेटी के मंच से कंस वधोत्सव के कार्यक्रम का संचालन किया गया था।
जुलूसों में अस्त्र-शस्त्र प्रतिबंधित
गणेश चतुर्दशी, डोल ग्यारस तथा मोहर्रम को देखते हुए जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कलेक्टर आगामी आदेश तक धारा 144 लागू की है। इस दौरान जुलूस, रैली, प्रदर्शन, चल समारोह, विसर्जन समारोह, अखाड़ों में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रयोग नहीं होगा। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट, कमेंट्स पर भी प्रतिबंध रहेगा।
त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से मनें इसके लिए सभी वर्गों के गणमान्यों के साथ बैठकें करेंगे। धार्मिक त्योहारों की समिति के जिम्मेदारों का भी दायित्व है कि शहर में अमन-चैन के साथ त्योहार मनाए।ं जुलूसों के दौरान पुलिस अलर्ट रहेगी एवं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। जुलूसों में हथियारों व डीजे का उपयोग न करें।
शैलेंद्रसिंह चौहान, एसपी
नगर में सभी त्योहार मिलजुलकर मनाने की परंपरा है। इस बार भी भाइचारे के साथ त्योहार मनाएंगे। पिछले सालों में भी नवरात्रि और मोहर्रम साथ आए थे। इस बार गणेशोत्सव और मोहर्रम एक साथ मनाएंगे।
मनीष सोनी, प्रवक्ता हिंदू उत्सव समिति
शहर में सभी त्योहार हिंदू-मुस्लिम भाइयों द्वारा एक-दूसरे से गले मिलकर मनाने की परंपरा है। दोनों ही पर्व शांति, एकता एवं सद्भाव के साथ मनाएं जाएंगे। पूर्व में भी त्योहार साथ आने पर जुलूस मार्ग बदलकर एकता परिचय दिया था। ऐसी एकता व सद्भाव आगे भी कायम रहेगा।
बाबू खान खरखरे, सरपरस्त मोहर्रम कमेटी