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…मौसम ने बदले रंग, बर्फ से कई रास्ते बंद। जानिए

पहाड़ बर्फ से लकदक, ठंड से कांपा हिमाचल
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शिमला

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Satyendra Porwal

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Updated: 29 Dec 2024, 11:04 PM IST

-पहाड़ बर्फ से लकदक, ठंड से कांपा हिमाचल
- सोलंगनाला में फंसे 10 हजार सैलानी निकाले

शिमला. हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश-बर्फबारी के चलते तीन राष्ट्रीय राजमार्ग समेत प्रदेश भर में 433 सड़कें बंद हो गई हैं। वहीं, शुक्रवार रात सोलंगनाला से 2,000 वाहनों में फंसे करीब 10 हजार सैलानियों को सुरक्षित मनाली पहुंचा दिया है। हिमाचल के कई इलाकों में पिछले 24 घंटों से लगातार हिमपात के चलते पहाड़ बर्फ से लकदक हैं। कुल्लू, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, शिमला, चंबा और कांगड़ा जिला के पर्वतीय इलाकों में भारी बर्फबारी के साथ पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश है। भारी बारिश-बर्फबारी के चलते तीन नेशनल हाईवे समेत प्रदेश भर में 433 सड़कें बंद हो गई हैं। शुक्रवार रात सोलंगनाला से 2,000 वाहनों में फंसे करीब 10 हजार सैलानियों को सुरक्षित मनाली पहुंचा दिया है। लाहौल के तिंदी से दो लोगों को बचाया गया। सिस्सू, शाशिन नर्सरी व आसपास के इलाकों में करीब 50 सैलानी फंसे हैं, मगर सभी होटल व होमस्टे में सुरक्षित हैं। उधर, मौसम के बदले मिजाज के चलते हिमाचल प्रचंड ठंड से कांप गया है।

ग्रामीण रूट बर्फबारी के चलते बंद

अटल टनल रोहतांग से केलांग, कुल्लू से जलोड़ी दर्रा होकर और नारकंडा से रामपुर और किन्नौर के लिए आवाजाही ठप है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति के अधिकतर ग्रामीण रूट भी बर्फबारी के चलते बंद हैं। बर्फबारी से पांगी, भरमौर का भी जिला मुख्यालय चंबा से संपर्क कट गया है। धर्मशाला में धौलाधार की पहाड़ियों के अलावा त्रियुंड में भी हिमपात हुआ है। मंडी-पठानकोट हाईवे पर पधर के पास पाली में कीचड़ में वाहन फंसने से चार घंटे वाहनों की रफ्तार थमी रही। इससे देर रात यात्री ठिठुरते रहे।


दो घंटे तक एनएच बंद रहा


कांगड़ा जिला के ढलियारा के पास सड़क पर आम का पेड़ गिरने से दो घंटे तक एनएच बंद रहा। उधर, कालका-शिमला एनएच पर कुमारहट्टी में चलती कार पर पहाड़ी से पत्थर गिरा। इसमें लोग बाल-बाल बचे। किन्नौर के निगुलसरी के नजदीक चील जंगल के पास शनिवार दोपहर 12 बजे पहाड़ से चट्टानें गिरने से एनएच-पांच तीन घंटे तक बंद रहा।

पहाड़ों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली


शनिवार को रोहतांग दर्रे में सबसे ज्यादा 150 सेंटीमीटर (5 फीट), अटल टनल के दोनों छोर में 110 (3.50 फीट) और छितकुल में 90 (3 फीट) सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई है। राजधानी शिमला व धर्मशाला के मैक्लोडगंज को छोड़कर प्रदेश के पहाड़ों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। तीन माह से ज्यादा समय तक सूखे के बाद शनिवार को पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश हुई है। बारिश से गेहूं फसल को संजीवनी मिली है। वहीं रविवार को ताजा बर्फबारी के बाद पहाड़ी इलाकों की ओर लोगों की भीड़ उमड़ने से मनाली में यातायात जाम और वाहनों की धीमी गति देखी गई।

एक जनवरी तक मौसम रहेगा साफ

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में 1 जनवरी तक मौसम साफ रहेगा। इसके बाद 2 और 3 जनवरी को मध्य और उच्च पर्वतीय इलाकों में बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। उधर, अगले तीन दिनों तक शीतलहर जारी रहेगी। रविवार को पूरे प्रदेश में शीतलहर का यलो अलर्ट, जबकि 30 और 31 दिसंबर को ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ। अब 30 और 31 दिसंबर को बिलासपुर और मंडी में कोहरे का भी अलर्ट है।

हवाईअड्डे पर कोई उड़ान नहीं

खराब मौसम के चलते शनिवार को कुल्लू स्थित भुंतर हवाईअड्डे पर कोई उड़ान नहीं हो सकी। वहीं कांगड़ा स्थित गगल हवाईअड्डे पर चंडीगढ़ से आने वाली फ्लाइट लैंड नहीं हो पाई, विमान बीच रास्ते से ही चंडीगढ़ वापस चला गया। गगल हवाईअड्डा के निदेशक धीरेंद्र सिंह ने बताया कि शनिवार को तीन उड़ानें सफलतापूर्वक हुई हैं, जबकि एक उड़ान खराब मौसम के कारण रद्द हुई है।