
भारत-नेपाल बार्डर : बच्चों को इस्तेमाल कर रहे हैं तस्कर, देश से सीमा पार जा रहीं यह चीजें
संतोष कुमार
पत्रिका एक्सक्लूसिव
श्रावस्ती. इंडो-नेपाल की खुली सीमा तस्करों के लिए मुफीद साबित हो रही है। सीमा क्षेत्र के अपारंपरिक रास्तों से तस्करी कर मादक पदार्थ भारतीय क्षेत्र में लाया जा रहा है। इस काम के लिए नाबालिगों को दोनों देशों की तरफ से इस्तेमाल हो रहा है। इस बात का खुलासा एसएसबी, स्थानीय पुलिस और एनसीबी ने किया है। सीमा क्षेत्र पर बसे गांव के लोग और बच्चे तस्करों के लिए कैरियर का काम कर रहे हैं।
श्रावस्ती जिले की करीब 67 किलोमीटर की सीमा नेपाल से लगी है। लेकिन, नो मेंस लैंड पर बाड़ नहीं लगी है। इसकी वजह से सीमा क्षेत्र में बसे गांव के लोग आसानी से सीमा पार आ जा रहे हैं। रोटी-बेटी का संबंध होने के कारण इनके आने-जाने पर कोई प्रतिबंध भी नही है।
सोहेलवा और ककरदरी जंगल तस्करों के स्वर्ग
मल्हीपुर व सिरसिया थाना क्षेत्र के सागर गांव, जमुनहा, ककरदरी, श्रीनगर, ताल बघौड़ा, भचकाही, भौआ नाका और सोंपथरी बीओपी चौकियों पर एसएसबी जवानों की तैनाती है। लेकिन चौकियों से कुछ किलोमीटर दूर से तस्कर सीमा पार से नेपाली शराब, चरस, अष्टधातु की मूर्तियां आदि भारतीय क्षेत्र में लाते और ले जाते हैं। सोहेलवा व ककरदरी जंगल तस्करी के मुख्य अड्डे हैं। अब तो जिले से यूरिया, डीएपी, सीमेंट, सरिया, डीजल आदि की तस्करी भी नेपाल के लिए हो रही है। नेपाल की तरफ से नेपाली शराब और चरस की खेप भारत पहुंच रही है। चाइनीज मटर, मावा आदि की बरामदी आम बात है।
किस चीज की तस्करी
भारतीय क्षेत्र से-लकड़ी, खाद, दाल और आटोपार्टस,यूरिया,डीएपी
नेपाल की तरफ से-शराब, गर्म मसाला, जाली नोट, मादक पदार्थ व कनाडियन मटर
तस्करी के लिए सुरक्षित रास्ते
श्रावस्ती के अलावा बहराइच और महराजगंज जिले के जिगिनिहा बैरियर, अहिरौली घाट, राजमंदिर, सोनपिपरी घाट, जोगियाबारी, कुड़वा घाट, परसिया, बैरिया, चंडी थान, सुंडी घाट, बरगदवा थाना क्षेत्र के पिपरा-अशोगवां, कनरी-चकरार ,परसामलिक थाना क्षेत्र के खैरहवां दुबे, पड़ौली-ङ्क्षझगटी सहित नौतनवा व निचलौल तहसील क्षेत्र के विभिन्न नाकों से तस्करी हो रही है।
Published on:
05 Aug 2019 03:38 pm
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