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उपभोक्ता ने बिजली निगम के अभियंता से पूछा ऐसा सवाल कि…

बिजली निगम के अभियंता सीकर जिलेे के एक उपभोक्ता के सवालों का जवाब नहीं दे पा रहे है। क्योकि उपभोक्ता के सवाल भी अधिकारियों को काफी उलझाने वाले है। अधिकारियों के जवाब से ही सच और झूठ का फैसला होना है।
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रीवा

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dinesh rathore

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Updated: 18 Apr 2017, 3:26 PM IST

बिजली निगम के अभियंता सीकर जिलेे के एक उपभोक्ता के सवालों का जवाब नहीं दे पा रहे है। क्योकि उपभोक्ता के सवाल भी अधिकारियों को काफी उलझाने वाले है। अधिकारियों के जवाब से ही सच और झूठ का फैसला होना है। टारगेट पूरे करने के लिए जिले में किस तरह बिजली चोरी पकड़ी जा रही है। इसकी यह महज एक बानगी है। कंवरपुरा इलाके के एक उपभोक्ताओं ने मीटर खराब होने पर निगम कार्यालय से 350 रुपए की रसीद कटवा ली। इसके बाद भी मीटर खराब व सीधे तार लगाकर चोरी बताते हुए विजिलेंस अधिकारी ने वीसीआर भर दी। इसके बाद उपभोक्ता ने जब शिकायत की तो समझौता समिति में मामला निपटा दिया। इसके बाद दुबारा उसी घर में फिर से वीसीआर भर दी गई। इसके बाद उपभोक्ता ने शिकायत की तो मामले को जांच में दफन कर दिया गया। अभी पिछले दिनों निगम कार्यालय ने ऑडिट का डंडा भी उपभोक्ता भी चला दिया।

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उपभोक्ता की पीड़ा

देवेन्द्र ढाका का कहना है कि पिछले कई महीनों से अफसरों के चक्कर लगाकर थक चुका हूं। लेकिर हर बार आश्वासन दिया जाता है। एेसे में मैंने भी ठान ली कि अब आखिर सच का पता लगाना ही है कि हमने चोरी की थी या मीटर खराब था। इस सवाल का जवाब जिस भी अफसर से पूछता हू वह खामोश हो जाता है।

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वीसीआर तो सही है: अधीक्षण अभियंता

इस मामले में अधीक्षण अभियंता एके गुप्ता का कहना है कि विजिलेंस टीम को उपभोक्ता चोरी करता हुआ मिला। इसके आधार पर वीसीआर भरी गई है। दोनों वीसीआर में लोड कम ज्यादा मौके पर मिले लोड के आधार पर हो सकता है। उपभोक्ता के मामले को समझौता समिति में लेकर राहत दी गई है। मामले के पूरे कागजात देखने के बाद ही सच और झूठ का पता लग सकेगा।

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मैने चोरी की या मीटर खराब था

निगम की कारगुजारी से आहत उपभोक्ता अधीक्षण अभियंता के पास भी पहुंच गए। लेकिन वहां भी उसे कोई जवाब नहीं मिला। उपभोक्ता का सवाल है कि निगम ने उसे बिजली चोरी की सजा भी दे दी। अब मीटर खराब बताते हुए वसूली का नोटिस भेज दिया। एेसे में सवाल है कि मैने जुर्म कौनसा किया निगम अभियंता यह तो बताए।