बिजली निगम के अभियंता सीकर जिलेे के एक उपभोक्ता के सवालों का जवाब नहीं दे पा रहे है। क्योकि उपभोक्ता के सवाल भी अधिकारियों को काफी उलझाने वाले है। अधिकारियों के जवाब से ही सच और झूठ का फैसला होना है। टारगेट पूरे करने के लिए जिले में किस तरह बिजली चोरी पकड़ी जा रही है। इसकी यह महज एक बानगी है। कंवरपुरा इलाके के एक उपभोक्ताओं ने मीटर खराब होने पर निगम कार्यालय से 350 रुपए की रसीद कटवा ली। इसके बाद भी मीटर खराब व सीधे तार लगाकर चोरी बताते हुए विजिलेंस अधिकारी ने वीसीआर भर दी। इसके बाद उपभोक्ता ने जब शिकायत की तो समझौता समिति में मामला निपटा दिया। इसके बाद दुबारा उसी घर में फिर से वीसीआर भर दी गई। इसके बाद उपभोक्ता ने शिकायत की तो मामले को जांच में दफन कर दिया गया। अभी पिछले दिनों निगम कार्यालय ने ऑडिट का डंडा भी उपभोक्ता भी चला दिया।