
Rajasthan election 2023 राजस्थान के विधानसभा चुनावों में कई जगह रिश्तों पर राजनीति हावी हो रही है। कहीं चाचा व भतीजी आमने -सामने हैं तो कहीं पति-पत्नी एक दूसरे को चुनौती दे रहे हैं। वहीं कहीं जीजा साली भी एक क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। खास बात है नजदीकी रिश्तेदार तीन जगह चुनाव लड़ रहे हैं, तीनों का कहीं ना कहीं शेखावाटी से कनेक्शन जुड़ा हुआ है।
खेतड़ी विधानसभा क्षेत्र
यहां से भाजपा से इंजीनियर धर्मपाल गुर्जर, उनके चचेरे भाई दाताराम गुर्जर व दाताराम की बेटी मनीषा गुर्जर टिकट मांग रही थी। भाजपा ने धर्मपाल को टिकट दे दिया। इससे नाराज मनीषा ने बगावत कर दी। कांग्रेस ने मनीषा गुर्जर को टिकट दे दिया। धर्मपाल गुर्जर चाचा हैं व प्रधान मनीषा गुर्जर उनकी भतीजी हैं। ऐसे में खेतड़ी में यह मुकाबला रोचक हो गया है। चाचा भाजपा से व भतीजी कांग्रेस से चुनाव लड़ रही है।
दांतारामगढ़ विधानसभा क्षेत्र
सीकर जिले के दांतारामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से वीरेन्द्र सिंह चौधरी कांग्रेस से विधायक हैं। यहीं से उनकी पत्नी एवं पूर्व जिला प्रमुख रीटा सिंह भी कांग्रेस से टिकट मांग रही थी। कांग्रेस का टिकट नहीं मिलता देख रीटा सिंह जेजेपी में शामिल हो गई। जेजेपी ने उनको दांतारामगढ़ से टिकट दे दिया। यहां कांग्रेस ने फिर से विधायक वीरेन्द्र सिंह को टिकट दिया है। अब यहां पति व पत्नी के बीच मुकाबला पूरे राजस्थान में चर्चा का विषय बन गया है।
धौलपुर विधानसभा क्षेत्र
झुंझुनूं जिले के अरडावता गांव में प्रियंका गांधी की सभा में कांग्रेस की सदस्यता लेने वाली शोभारानी कुशवाह को कांग्रेस ने धौलपुर में अपना प्रत्याशी बनाया है। शोभारानी पहले भाजपा से विधायक रह चुकी। अब उनके सामने भाजपा ने डॉ. शिवचरण कुशवाह को प्रत्याशी बनाया है। शिवचरण व शोभारानी के बीच जीजा व साली का रिश्ता है। जीजा साली का यह चुनाव धौलपुर सहित पूरे क्षेत्र में रोचक हो गया है।
Published on:
07 Nov 2023 07:31 am
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