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माउंट एल्ब्रुश से लेकर अंटार्कटिका तक शेखावाटी का डंका, तिरंगा फहराकर किया नाम रोशन…

यूरोप महाद्वीप में माउंट एल्ब्रुश की चोटी पर दीनवा लाडखानी की बेटी रचना हुड्डा ने तिरंगा फहराकर जिले का नाम रोशन किया है।
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Vishwanath Saini

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Aug 04, 2017

सीकर.

यूरोप महाद्वीप में माउंट एल्ब्रुश की चोटी पर दीनवा लाडखानी की बेटी रचना हुड्डा ने तिरंगा फहराकर जिले का नाम रोशन किया है। एल्ब्रुश चोटी की ऊंचाई 18506 फीट बताई जा रही है। जिस पर चढ़ाई करने के लिए रचना 22 जुलाई को दिल्ली से रवाना होकर रूस की टक्सोल सिटी पहुंची। यहां बेस कैंप से उसने चढ़ाई शुरू की और एक अगस्त को सुबह साढे़ नौ बजे इस बेटी ने माउंट एल्ब्रुश की चोटी पर तिरंगा फहराने में कामयाब हासिल की। बेटी की उपलब्धि पर गांव में जश्न मनाया गया। आर्मी से सेवानिवृत रचना के पिता गोवर्धनराम हुड्डा के अनुसार रचना ने यूरोप से जरिए फोन पर जानकारी दी कि सर्द हवाएं व जबरदस्त ठंड के बावजूद उसने चढ़ाई निरंतर जारी रखी। चोटी पर पहुंचने के बाद तिरंगा लिया और हवा में फहरा दिया। इस दौरान उसके साथ उत्तर प्रदेश की पर्वतारोही ज्ञान वंदिनी भी साथ थी।

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इधर फतेहपुर का बेटा अंटार्कटिका में गाड़ रहा है झण्डा


सीकर के फतेहपुर के गांव रिणाऊ का राजीव बीरड़ा को 8 नवम्बर 2016 को भारत के राष्ट्रीय अंटार्कटिक एवं समुद्री अनुसंधान केन्द्र के मिशन के तहत अंटार्कटिका गया था। यह दुनिया की एक मात्र ऐसी जगह है। जहां कोई इंसानी बस्ती आबाद नहीं है। अमूूमन माइनस 30 डिग्री से अधिक तापमान और तेज रफ्तार से चलने वाली बर्फीली हवाएं चलती रहती है। भारत सरकार ने बिरड़ा का इस मिशन में बतौर मेल नर्स चयन किया है। अंटार्कटिका से राजीव ने को बताया कि उनका मिशन सफलता की ओर है। सबकुछ तय कार्यक्रम के मुताबिक हो रहा है। हालाकि मौसम सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। टीम का हर एक सदस्य बुलंद होसलों से अपने मिशन को कामयाब करने में जुटा हुआ है। दिसम्बर 2017 से फरवरी 2018 तक मिशन के सभी सदस्य की वतन वापसी हो सकती है।