
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क/रींगस. खाटूश्यामजी सड़क मार्ग पर गुरुवार रात्रि ओवर टेक करते समय निजी बस व सवारी जीप में भिड़ंत हो गई। हादसे में एक युवक की मौत हो गई व करीब डेढ़ दर्जन लोग घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए रींगस सीएचसी में भर्ती करवाया गया जहां हालत गंभीर होने पर 13 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद जयपुर रेफर किया गया। थानाधिकारी हिम्मत सिंह ने बताया कि खाटूश्यामजी दर्शन के लिए आए श्रद्धालु सवारी जीप में सवार होकर खाटूश्यामजी जा रहे थे। चौमूं पुरोहितान के पास सवारी जीप ओवर टेक करते समय खाटूश्यामजी से आ रही निजी बस से टकरा गई।
यह भी पढ़ें : 11 साल के अर्जुन ने जीता सीएम अशोक गहलोत का दिल
हादसे के बाद मौके पर कोहराम मच गया। इस पास के लोगों ने सभी घायलों को 108 एंबुलेंस व निजी वाहनों की मदद से रींगस सीएचसी में भर्ती करवाया। चिकित्सकों ने गाजियाबाद निवासी परमजीत सिंह को मृत घोषित कर दिया। हादसे में घायल भारनी निवासी जीप चालक सुनील कुमार पुत्र हेतराम, निम्बाहेडा निवासी दिनेश कुमार पुत्र हरदीप सिंह, इंदौर निवासी ललित यादव पुत्र अरविंद यादव, श्रद्धा यादव पत्नी ललित यादव, चित्तौड़गढ़ निवासी नैना देवी पत्नी दिनेश कुमार, श्याम लाल परासर, अल्का पत्नी श्याम लाल, सुरेश, राजू, मोहित, टीना, अनुज व प्रियंका को गंभीर हालत में जयपुर रेफर कर दिया गया। शेष घायल रीमा देवी, भुपेंद्र सिंह, आशु आदि का रींगस सीएचसी में इलाज चल रहा है। हादसे के बाद रींगस सीएचसी में लोगों की खासी भीड़ जमा हो गई। कांग्रेस नेता सुभाष मील व डीवाईएसपी विजय कुमार भी राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे व घायलों के हालचाल जाने।
बढ़ते यातायात की वजह से वर्तमान में रींगस से खाटू श्यामजी के बीच फोरलेन सड़क की आवश्यकता है। पदयात्री मार्ग भी अभी तक पूरा नहीं बना है जिसके चलते पदयात्री भी सड़क पर चलते है। रात्रि में अंधेरा होने से आए दिन सड़क हादसे होते हैं।
ट्रोमा की खली कमी
रींगस सीएचसी में पिछली सरकार ने ट्रोमा का भवन बनाया था। मौजूदा सरकार की उपेक्षा के चलते चार साल भी ट्रोमा चालू नहीं हो सका। इस बार के बजट में सरकार ने ट्रोमा की घोषणा की है लेकिन अब देखने वाली बात होगी कि आखिर ट्रोमा चालू कब होता है और जनता को इसका लाभ कब मिलता है।
लगातार बड़े हादसे नहीं चेत रहा प्रशासन
खाटूश्यामजी सड़क मार्ग पर श्याम श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने के साथ ही यातायात का दबाव भी बढ़ गया है। इस सड़क मार्ग पर आए दिन बड़े हादसे होते हैं उसके बावजूद भी प्रशासन कोई सुध नहीं ले रहा है। इससे पहले 13 नवंबर 2019 को घटना स्थल से करीब एक किलोमीटर दूर सवारी जीप व बस में भिड़ंत हुई थी जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई थी।
Published on:
10 Mar 2023 12:39 pm
बड़ी खबरें
View Allसीकर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
