
राजस्थान में शिक्षकों को 17 महीने से तबादले का इंतजार
सीकर. प्रदेश में सरकारी बयानों के बार-बार छा रहे बादलों के बीच सरकारी शिक्षक 17 महीनों से तबादलों की ’बूंद’ तक को तरस रहे हैं। तबादलों की घोषणा कर जहां सरकार बार- बार मुकर रही है तो तबादले की उम्मीद लगाकर बैठे लाखों शिक्षकों में भी असमंजस के साथ अब आक्रोश उबाल खाने लगा है। गर्मियों की छुट्टी में तबादलों की घोषणा व विधायकों के सूची भेजने के बाद भी शिक्षा मंत्री जब फिर टालमटोल कर रहे हैं तो शिक्षक संगठनों का आक्रोश आसमान छू गया है। जनगणना व निकाय चुनाव के मध्येनजर आगे तबादले नहीं होने की आशंका के बीच उन्होंने तबादले जल्द करने की मांग करते हुए सरकार को आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
चुनावी घोषणा पत्र के बाद तबादला नीति को 100 दिवसीय कार्य योजना में भी शामिल किया था। लेकिन, कुछ दिनों बाद ही संशोधित कार्य योजना में हटा दिया। इसके बाद भी शिक्षा मंत्री तबादलों के बयान देते रहे। बोर्ड परीक्षा से पहले गर्मियों की छुट्टी में तबादले की घोषणा की थी। हाल में प्रपत्र में भाजपा विधायकों व प्रत्याशियों ने थर्ड ग्रेड शिक्षकों के अलावा अन्य संवर्ग के 70-70 शिक्षकों की डिजायर लिस्ट भेजी, उसे भी झूठा करार देकर शिक्षा मंत्री अब नए सत्र से पहले तबादला नहीं करने की नई बात कह चुके हैं।
तबादलों की घोषणा के बाद बार- बार मुकरने पर सरकार की छवि पर भी बुरा असर पड़ रहा है। इससे शिक्षकों से लेकर आमजन तक में सरकार के प्रति अविश्वास की भावना बढ़ रही है। इसे रोकना है तो सरकार को इस संबंध में जल्द कदम उठाना होगा।
शिक्षकों में अब तबादलों पर रोक लंबी होने की आशंका गहरा रही है। क्योंकि केंद्र सरकार की जनगणना की कवायद के बीच प्रदेश सरकार नवंबर में निकाय चुनाव कराने की बात भी कह रही है। ऐसे में यदि शिक्षकों के तबादले जल्द नहीं हुए तो ये मामला 2027 में जनगणना पूरी होने तक अटक सकता है। इसी आशंका में शिक्षकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
थर्ड ग्रेड शिक्षक सात वर्ष से तबादलों का इन्तज़ार कर रहे हैं। सरकार को अतिशीघ्र पदोन्नति प्रक्रिया पूरी कर सभी संवर्गो के लिए स्थाई तबादला नीति बनाकर शीघ्र तबादले करने चाहिए। अन्यथा संगठन फिर पैदल मार्च की तरह तीव्र आंदोलन करने की रणनीति तैयार कर रहा है। इस संबंध में रविवार से दो दिवसीय राज्य स्तरीय बैठक भी रखी गई है। -उपेंद्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री, राजस्थान शिक्षक संघ (शे.)
शिक्षा विभाग में तबादलों को लेकर विभाग के मुखिया द्वारा बार-बार बयान बदलने व यूटर्न से शिक्षा विभाग के तबादलों के इच्छुक शिक्षक दुखी है। शिक्षकों में शिक्षा मंत्री के प्रति भारी रोष है। ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा तबादलों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। बसन्तकुमार ज्याणी, प्रदेश प्रवक्ता, राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ रेस्टा
सरकार को वादे के मुताबिक तबादला नीति बनाकर जल्द शिक्षकों के तबादले करने चाहिए। इससे सरकार के प्रति शिक्षकों व उनके परिजनों में भी विश्वास बढ़ेगा।
महेंद्र पांडे, मुख्य महांमंत्री, राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ
Updated on:
03 Jul 2025 09:27 pm
Published on:
03 Jul 2025 09:26 pm
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