29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राज्यसभा में उठा ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन रूट में परिवर्तन का मुद्दा, जांच की मांग

राज्यसभा सांसद ने मांगी जानकारी ....
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

सिंगरौली

•

image

Ajit Shukla

•

Updated: 6 Feb 2022, 11:01 PM IST

Lalitpur-Singrauli railway line route raised in Rajya Sabha, demand for investigation

Lalitpur-Singrauli railway line route raised in Rajya Sabha, demand for investigation

सिंगरौली. ललितपुर-सिंगरौली रेलमार्ग के एलाइनमेंट (रूट) में परिवर्तन का मामला तूल पकड़ लिया है। सीधी क्षेत्र से राज्यसभा सांसद अजय प्रताप सिंह ने राज्य सभा न केवल यह मुद्दा उठाया है। बल्कि एलाइनमेंट में बदलाव की जरूरत और बढ़े खर्च की जानकारी मांगी है। साथ ही उन्होंने जांच की मांग भी की गई है।

राज्यसभा सांसद ने मुद्दा उठाते हुए कहा है कि पूर्व में रेलमार्ग का एलाइनमेंट सीधी से बरगवां तक निर्धारित था, लेकिन बीच में इसमें बदलाव करते हुए सीधी से गोंदवाली (गोरबी के पास) कर दिया गया। सांसद ने जानकारी चाहा है कि ऐसा क्यों किया गया। एलाइनमेंट में बदलाव पर कितनी दूरी और खर्च बढ़ा है। इसकी जानकारी भी चाही है।

राज्यसभा में सांसद के प्रश्न के जवाब में रेलमंत्री ने स्वीकार किया है कि राज्य सरकार से चर्चा कर यात्रियों की जरूरत को देखते हुए समय-समय पर एलाइनमेंट में बदलाव किया गया है। बताया कि यह देश की सबसे बड़ी रेलवे लाइन है। 541 किलोमीटर की यह रेलवे लाइन ललितपुर, सतना, रीवा व सीधी होते हुए सिंगरौली पहुंचेगी। अगले वित्तीय वर्ष के लिए भी बजट जारी किया गया है। इसमें तेजी के साथ काम होगा।

जांच की मांग, दोषियों पर कार्रवाई
एलाइनमेंट में बदलाव को लेकर राज्यसभा सांसद के अलावा रेलवे परामर्शदात्री समिति के सदस्य एसके गौतम ने भी जांच की मांग की है। समिति सदस्य का कहना है कि बदलाव के चलते भूमि अधिग्रहण व मुआवजा सहित कई समस्याएं बढ़ गई है। इससे न केवल लागत बढ़ी है। बल्कि समय भी अधिक लग रहा है। कुछ विशेष क्षेत्र को मुआवजा का लाभ पहुंचाने की बात भी चर्चा में है। इसलिए उच्च स्तरीय समिति से इसकी जांच कराई जानी चाहिए।

फैक्ट फाइल
541 किलोमीटर का है पूरा प्रोजेक्ट
16159 करोड़ रुपए स्वीकृत लागत
1614 करोड़ रुपए अब तक स्वीकृत
700 करोड़ रुपए फिर हुए स्वीकृत