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आबूरोड। टीएसपी आबूरोड ब्लॉक के गांवों के लोगों और विद्यार्थियों के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना वरदान साबित हो रही है। बीते दस वर्षों में सड़कों के साथ पुलों के निर्माण से न केवल उनकी राह सुरक्षित और सुगम हुई है, बल्कि बारिश के दौरान विद्यालय जाने से वंचित रहने वाले विद्यार्थी अब नियमित रूप से पढ़ाई और परीक्षा दे पा रहे हैं। योजनांतर्गत ब्लॉक की विभिन्न पंचायतों की 44 फलियों (ढाणियों) को सड़कों से जोड़ने की स्वीकृति दी गई है, जिनकी जनसंख्या 250 से अधिक है। इस कार्य के लिए 80.34 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
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सार्वजनिक निर्माण विभाग आबूरोड खंड के अधीन आबूरोड ब्लॉक में तोराफली, चौहानों की फली, देवराज फली, बूबरिया फली, नालफली समेत 44 फलियों में कुल 91 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाई जाएंगी। इसी तरह पिंडवाड़ा क्षेत्र में 23 किलोमीटर लंबी सड़क बनाकर सात फलियों को सड़क सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। इस कार्य पर 17.50 करोड़ रुपए खर्च होंगे। वर्तमान में इन फलियों के रास्ते कच्चे और ऊबड़-खाबड़ हैं, जिससे ग्रामीणों को आवागमन और बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाने में काफी परेशानी होती है।
आबूरोड ब्लॉक में गिरवर-चंडेला के बीच गोमती और झाबुआ नदी पर, सियावा और सुरपगला में अंबाजी मार्ग पर, रेवदर मार्ग पर न्यू टाउन कॉलोनी के पास तथा वासड़ा के पास बनास नदी पर पुलों का निर्माण कराया गया है। किवरली-पांडूरी के बीच नदी पर करीब आठ करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले पुल के कार्यादेश भी जारी हो चुके हैं।
गिरवर-चंडेला गांव के बीच बहने वाली झाबुआ और गोमती नदी पर पहले रपट बनी हुई थी। बारिश में नदियों के उफान पर रहने से घंटों रेवदर मार्ग पर आवागमन ठप हो जाता था। गुजरात की तरफ से आने वाले पर्यटकों के वाहन फंस जाते थे और एंबुलेंस भी समय पर नहीं पहुंच पाती थी। कई बार ग्रामीणों को रास्ते में ही रुककर रात बितानी पड़ती थी। अब पुल बनने से स्थिति में बड़ा सुधार आया है और आवागमन सुरक्षित हो गया है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में खंड के आबूरोड और पिंडवाड़ा क्षेत्र में कुल 51 ढाणियों को सड़कों से जोड़ा जाएगा। इसके लिए राशि आवंटित की गई है।
Updated on:
14 Apr 2026 04:02 pm
Published on:
14 Apr 2026 04:01 pm
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